उदयपुर – फलासिया थाना पुलिस ने छात्र से तलवार से हमला कर मोबाइल लूटने के मामले का महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस को पीसी रिमांड प्राप्त हुआ। आरोपियों से घटना के संबंध में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
स्कूल के पीछे मैदान में पढ़ाई कर रहा था छात्र
पुलिस के अनुसार मामले में एक छात्र ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि 30 सितंबर को वह अपने सहपाठी के साथ स्कूल के पीछे मैदान में बैठकर पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे बाइक पर सवार होकर तीन बदमाश वहां पहुंचे। आरोपियों ने छात्र से उसका मोबाइल छीन लिया। जब छात्र के साथी जितेंद्र ने मोबाइल देने से मना करते हुए इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उस पर तलवार से हमला कर दिया। हमले में जितेंद्र की हथेली और जांघ पर गंभीर चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट मिलने पर फलासिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
24 घंटे में आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा रजत बिश्नोई तथा पुलिस उप अधीक्षक वृत्त झाड़ोल विवेक सिंह के सुपरविजन में फलासिया थानाधिकारी वेलाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान गिरोह का पर्दाफाश किया गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से पुलिस ने आरोपियों का पीसी रिमांड प्राप्त किया है, जिसके बाद उनसे घटना को लेकर पूछताछ एवं अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है —
1. सुन्दर, पिता शंकर, उम्र 22 वर्ष, निवासी कंथारिया, थाना झाड़ोल, उदयपुर।
2. रणजीत, पिता मांगीलाल, उम्र 18 वर्ष 4 माह, निवासी कंथारिया, झाड़ोल, उदयपुर।
3. कमलेश उर्फ कन्हैयालाल, उम्र 23 वर्ष, निवासी कंथारिया, थाना झाड़ोल, उदयपुर।
पूरी कार्रवाई फलासिया थानाधिकारी वेलाराम के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उप निरीक्षक हेमेंद्र, उप निरीक्षक कालूलाल, उप निरीक्षक नारायणलाल, कांस्टेबल महेंद्र सिंह (विशेष भूमिका), कांस्टेबल जगदीश, कांस्टेबल मोहन लाल और कांस्टेबल नारहर सिंह (चालक) शामिल रहे। पुलिस की ओर से 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी को मामले के त्वरित खुलासे के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पीसी रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।



