सायरा – थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती लेहरी लाल पालीवाल (72) और राधाबाई पालीवाल (62) की हत्या को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ हत्याकांड से जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं लगा है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इसके चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। हत्या से पहले जहां ग्रामीण बेखौफ होकर अपने दैनिक कार्य करते थे, वहीं अब गांव की गलियां दिन में भी सुनसान नजर आने लगी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि हत्या के बाद गांव में लोग अकेले जाने से डर रहे हैं। महिलाएं पहले खेतों में अकेले खेती-बाड़ी का काम करने चली जाती थीं, लेकिन अब उन्हें परिवार के सदस्यों को साथ ले जाना पड़ रहा है। शाम होते ही गांव की दुकानें भी जल्दी बंद होने लगी हैं। वहीं बच्चों में भी घटना का डर दिखाई दे रहा है। कई बच्चे रात में माता-पिता के साथ चिपककर सो रहे हैं।
14 अगस्त को घर के लोहे के बक्से में मिले थे शव

पुनावली गांव में 14 अगस्त को उस समय सनसनी फैल गई थी, जब बुजुर्ग दंपती के शव उनके ही घर में रखे एक बड़े लोहे के बक्से से मिले थे। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत, एसपी अमृता दुहन, डीएसपी सहित गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह राजपुरोहित पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया था। एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए थे।

हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों को दोनों बुजुर्गों के घर से लापता होने की जानकारी 12 अगस्त को ही हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने सोशल मीडिया पर उनके फोटो और फुटेज प्रसारित कर तलाश शुरू की। करीब 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिलने पर सायरा थाने में दोनों की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने थाने पर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
पुलिस की शुरुआती छानबीन में बुजुर्ग दंपती के मोबाइल फोन की लोकेशन उदयपुर के लखावली गांव के आसपास सामने आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि जांच उस समय मोबाइल की लोकेशन तक ही सीमित रही, जबकि मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ था।
पांच दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार

हत्याकांड के बाद दोनों शवों का पांच दिन बाद अंतिम संस्कार हो सका। समाजजनों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एमबी अस्पताल के बाहर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन चला। प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की शर्त पर आंदोलन समाप्त हुआ। इसके बाद लेहरी लाल पालीवाल और राधाबाई पालीवाल का पुनावली गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
चार टीमें कर रहीं जांच, कई लोगों से पूछताछ
दूसरी ओर, हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी और स्थानीय एंगल से पड़ताल कर संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीमों ने अब तक कुछ लोगों को डिटेन कर पूछताछ भी की है।
पुलिस का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही मामले का पर्दाफाश करने का भरोसा दिलाया है। हालांकि 14 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।



