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कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व से जैविक विविधता और रोजगार के अवसरों में होगी बढोतरी – सीसीएफ

उदयपुर – वन विभाग, डब्ल्यू. डब्ल्यू. एफ.- इण्डिया एवं ग्रीन पीपल सोसायटी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय टाईगर फेस्टिवल- 2026 का समापन समारोह गुरूवार को वन भवन कॉन्फ्रेन्स हॉल, चेतक सर्कल के सभागार में मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, उदयपुर एस. आर. यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, ग्रीन पीपल सोसायटी अध्यक्ष राहुल भटनागर, आर.के. जैन, सुहेल मजबूर, फतेह सिंह राठौड, सतीश कुमार शर्मा तथा डब्ल्यू. डब्ल्यू. एफ.- इण्डिया स्टेट कार्डिनेटर अरुण सोनी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। उप वन संरक्षक, वन्यजीव, उदयपुर यादवेन्द्र सिंह चुण्डावत ने अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्य वन्यजीव संरक्षक सेडू राम यादव ने पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से कुम्भलगढ टाइगर रिजर्व की विस्तृत योजना प्रसतुत की। यादव द्वारा यही प्रजेंटेशन राज्य की ओर से एनटीसीए में प्रस्तुत किया गया था। कुम्भलगढ वन्यजीव अभयारण्य को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से पूर्व में सैद्धान्तिक स्वीकृति मिल चुकी है, अब केवल अंतिम आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है।
यादव ने बताया कि यह टाइगर रिजर्व राजसमन्द, ब्यावर, सिरोही, उदयपुर और पाली जिलों में अरावली की पहाडियों के बीच बनाया जा रहा है। जहॉ बाघों की लगभग दो दशक के लंबे प्रयासों के बाद वापसी होगी। रणथंभौर या सरिस्का टाइगर रिजर्व से भविष्य में बाघों को यहॉ लाया जाएगा, जहॉ उनकी संख्या वहां की भार वहन क्षमता से अधिक हो गई है तथा बाघों के बीच टेरिटोरियल फाइट बढ रही है। उन्होने बताया कि कुंभलगढ के टाइगर रिजर्व बनने से ना सिर्फ टाइगर एवं इको -टूरिज्म का विकास होगा बल्कि स्थानीय आबादी के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगें।

कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध करने पर प्रो. महेश शर्मा ने एनटीसीए के पुराने सर्वे तथा रिपोर्ट की आपत्तियो का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व में एनटीसीए द्वारा उठाई गई आपत्तियां ही विरोध का आधार है। इसमें इसकी चौडाई कम बताई गई थी, मानव बाघ संघर्ष की आश्ंका जताई गई, प्रे-बेस (शाकाहरी जानवरों) की कमी का जिक्र किया गया, गांवों के विस्थापन की समस्या, रेल लाईन तथा हाईवे, जंगल की आग की बढती घटनाएं, जल स्त्रोतों की अपर्याप्तता तथा अत्यधिक ढलानवाले पहाड बताये गये थे।
एनटीसीए विशेषज्ञ सदस्य राहुल भटनागर तथा सेडू राम यादव ने बताया कि ये आपत्तियां अर्द्ध दशक पुरानी हैं, जिनका संपूर्ण निराकरण कर लिया गया है तथा अब कोई बडी आपत्ति नही है। प्रो. शर्मा ने कहा कि इस योजना में बाघ संरक्षण एवं जैव विविधता मुख्य उद्देश्य हो नाकि बाघ पर्यटन। कार्यक्रम में उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, ने टाइगर सेंचुरी पर लोगों की भ्रांतियों को दूर किया। राहुल भटनागर ने कुंभलगढ के टाइगर रिजर्व बनने पर मेवाड के लिए बहुत बडी उपलब्धि बताया।

विजेताओं को किया पुरस्कृत

अन्तर्राष्ट्रीय टाईगर फेस्टिवल के दौरान बुधवार को ऑन स्पॉट पेन्टिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी जिनमें जूनियर वर्ग में भव्या सुथार, प्रथम, दिव्यांश गोराणा, द्वितिय, जयादित्य श्रीमाल, आराध्या आलावत, एवं जिया नेभनानी तृतीय, सिनियर वर्ग में जिया पारिक प्रथम, गौरी जैसवाल द्वितिय, पवित्रा यदुवंशी, हिमांशी जींगर, दिव्यप्रताप सिंह पंवार तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओ को सर्टिफिकेट एवं मोमेन्टो, देकर पुरस्कृत किया गया

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Author: dailyrajasthan

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