
गोगुंदा – सोमवार को सायरा क्षेत्र की बोखाड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले माजवड़ा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने डिजिटल जनगणना में गांव को शामिल नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी जगदीश सिंह आशिया को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा गांव की पुनः डिजिटल जनगणना करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि माजवड़ा गांव में 500 से अधिक लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं। भारत की पहली डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण में अप्रैल माह से हाउस लिस्टिंग के तहत प्रत्येक घर की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का सर्वे किया जाना था, लेकिन पूरे गांव में किसी भी घर की गणना नहीं की गई और न तो किसी कर्मचारी ने गांव का दौरा किया और न ही किसी परिवार का विवरण दर्ज किया गया।
ज्ञापन में बताया कि माजवड़ा गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके अलावा बोखाड़ा ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या-5 में माजवड़ा गांव के 347 पंजीकृत मतदाता हैं, जबकि कई गैर-मतदाता भी यहां निवास करते हैं। इसके बावजूद पूरे गांव का डिजिटल जनगणना से बाहर रह जाना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनगणना प्रक्रिया से पूरे गांव को वंचित रखना भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के लाभ पर भी प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने मांग की कि गांव को शीघ्र डिजिटल जनगणना से जोड़ा जाए तथा भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने या तथ्य छिपाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
इस दौरान चंपाराम गरासिया, वार्ड पंच चेनाराम गरासिया, पुनाराम, राजाराम, सुरेश, मोहनलाल, मालाराम, नेताराम, अर्जुन, गजरी बाई, मुगली बाई, पनी बाई, थावरी बाई, काली बाई, कंकू बाई, शारदा बाई गरासिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मामले को लेकर तहसीलदार सुरेश मेहता ने बताया कि हाउस लिस्टिंग में पूरा माजवड़ा गांव शामिल नहीं होने के कारण वहां जनगणना का कार्य नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि गांव बोखाड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है, लेकिन संबंधित सूची में उसका नाम दर्ज नहीं था। इतना ही नहीं, गांव उदयपुर और पाली, दोनों जिलों की सूची में भी प्रदर्शित नहीं हुआ। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी चरण में होने वाली डिजिटल जनगणना के दौरान माजवड़ा गांव को शामिल करवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर उपखंड अधिकारी जगदीश सिंह आशिया ने बताया कि माजवड़ा गांव का अधिकांश क्षेत्र अनसेटल होने के कारण वह उदयपुर और पाली जिले की सीमा में प्रदर्शित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जयपुर स्तर पर जानकारी दे दी गई है। आगामी चरण में होने वाली डिजिटल जनगणना के दौरान माजवड़ा गांव की जनगणना करवाने का प्रयास किया जाएगा।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





