
उदयपुर – ग्रामीण क्षेत्रों में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बड़गांव ब्लॉक के सियालपुरा गांव में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आस्था संस्था के तत्वावधान में स्थापित संविधान संदर्भ केंद्र का विधिवत लोकार्पण मुख्य अतिथि भंवर सिंह चदाणा ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। उपस्थित लोगों ने इस केंद्र को सामाजिक जागरूकता, समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
गरिमा फैलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में फैलो रेखा पालीवाल ने संविधान संदर्भ केंद्र की अवधारणा और उसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग अपने संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित हैं। ऐसे में यह केंद्र आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना एवं मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
रेखा पालीवाल ने बताया कि केंद्र का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को संविधान में प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी उपलब्ध कराना, उनमें संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक होंगी, तभी समाज में वास्तविक समानता और सशक्तिकरण की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने संविधान संदर्भ केंद्र के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के लिए आवेदन करने, आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने तथा सरकारी लाभ प्राप्त करने में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि केंद्र केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समय-समय पर संविधान, महिला अधिकार, शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और मार्गदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं और युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करने तथा उन्हें सामाजिक परिवर्तन की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्य अतिथि भंवर सिंह चदाणा ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक संविधान के मूल्यों और अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के केंद्र स्थापित होने से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आस्था संस्था और गरिमा फैलोशिप कार्यक्रम से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाजहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं समुदाय के लोगों ने भी संविधान संदर्भ केंद्र की स्थापना का स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि यह केंद्र महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों के लिए ज्ञान, मार्गदर्शन और प्रेरणा का केंद्र बनेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संवैधानिक शिक्षा और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
समारोह में गरिमा फैलोशिप कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. भरत श्रीमाली सहित निकिता चिक बराइक, प्रेमलता डांगी, गंगा डांगी, मोहनी पटेल, मोहनी टेलर, ललिता राव, जसोदा पालीवाल, लीला डांगी, अनिता डांगी, कनी बाई एवं लीला टेलर उपस्थित रहे। इसके अलावा सियालपुरा, डांगियों का गुड़ा, लखावली, नोहरा और कबूतरखाना सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर इस नई पहल के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





