उदयपुर। जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाली मध्य प्रदेश की कुख्यात कड़िया सांसी गैंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सुखेर थाना पुलिस ने गैंग के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से शादी समारोह से चोरी किए गए करीब 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के शत-प्रतिशत आभूषण बरामद करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी विकास सांसी (26) और नकुल सांसी (24) मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुख्यात गांव कड़िया सांसी के निवासी हैं। इन बदमाशों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और हरियाणा सहित देशभर में 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
घटनाक्रम के अनुसार, बीती 11 मार्च को महाप्रज्ञ विहार स्थित तेरापंथ भवन में नरेंद्र शर्मा के पुत्र शुभम की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। जब प्रार्थी और उनकी पत्नी गेट पर मेहमानों का स्वागत कर रहे थे, तभी बदमाशों ने मौका पाकर जेवरात से भरा बैग पार कर दिया। इस बैग में दुल्हन के लिए बनवाए गए पड़ले के समस्त कीमती आभूषण थे।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. दुहन के निर्देशन में सुखेर थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित किया। जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी और गुलखेड़ी गांवों की गैंग इस तरह की वारदातों में लिप्त है। पुलिस टीम ने कई दिनों तक इन गांवों में डेरा डाला और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास भी किया, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गैंग न केवल शादी समारोहों में चोरी करती थी, बल्कि बैंकों के बाहर ग्राहकों की रेकी कर नकदी लूटने में भी माहिर है।
सवाई माधोपुर, बूंदी, खाटूश्यामजी, भीम (राजसमंद) में बैंकों से नकदी और शादियों से जेवरात चोरी किए। इसके अलावा विशाखापट्टनम, नासिक और मुंबई में भी वारदातें कीं।
परबतसर में 3 लाख की लूट, निवाई (टोंक) में बैंक लूट, पालनपुर (गुजरात) और कांकरोली में बैंक ग्राहकों से लाखों की लूट की वारदातें स्वीकार की हैं।
इस कार्रवाई में एएसआई नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार, कांस्टेबल शंभूराम और अचला राम की विशेष भूमिका रही। साइबर सेल से कांस्टेबल लोकेश रायकवाल ने तकनीकी सहायता प्रदान की। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।





