उदयपुर- जिले के लोसिंग गांव में बीते तीन दिनों से दहशत का छाया शनिवार सुबह आखिरकार छंट गया। ग्रामीणों के लिए काल बना लेपर्ड (तेंदुआ) वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है। इस सूचना मिलते ही पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है, वहीं खूंखार शिकारी को देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह लोसिंग निवासी 55 वर्षीय किसान तुलसीराम पालीवाल अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। थककर एक पेड़ के नीचे सुस्ता रहे तुलसीराम पर झाड़ियों में घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने अचानक हमला बोल दिया। लेपर्ड ने सीधे उनकी गर्दन पर पंजा मारा, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
इस जानलेवा हमले के दौरान एक हैरान कर देने वाला वाकया हुआ। पेड़ पर बैठे बंदरों के झुंड ने लेपर्ड को हमला करते देख शोर मचाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, दो-तीन बंदरों ने तो पेड़ से नीचे कूदकर लेपर्ड को चुनौती दे डाली। बंदरों के इस अप्रत्याशित हमले और ग्रामीणों के शोर से लेपर्ड घबरा गया और किसान को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। तुलसीराम के हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना के तुरंत बाद हरकत में आए वन विभाग ने उसी खेत के पास पिंजरा लगाया था। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। शनिवार तड़के लेपर्ड शिकार के लालच में पिंजरे में दाखिल हुआ और फंस गया।
लेपर्ड को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया है। अब इसे उदयपुर ले जाया जा रहा है, जहां पशु चिकित्सकों द्वारा इसकी मेडिकल जांच की जाएगी। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
लालसिंह, वन अधिकारी
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





