गोगुंदा । क्षेत्र के खाखड़ी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया ने गुरुवार को गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन पर राजनीतिक द्वेष के चलते एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप लगाए।
डॉ. गरासिया ने कहा कि यदि प्रशासन को अतिक्रमण हटाना है तो सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों और पटवारी ने मिलकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए करीब 70 वर्षों से काबिज गरीब परिवारों को बेदखल किया है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। डॉ. गरासिया ने कहा कि इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा और न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।
पीड़ित परिवारों ने पूर्व मंत्री को बताया कि उनके पास ग्राम पंचायत एवं सरकार द्वारा जारी पट्टे हैं, जिन पर तत्कालीन विधायक भूरालाल गमेती और तत्कालीन सरपंच देवी सिंह झाला के हस्ताक्षर हैं। इसके बावजूद उन्हें हटाया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने कथित रूप से दबाव और भ्रष्टाचार के चलते यह कार्रवाई की है।
इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम सिंह चदाना, सहकारी समिति अध्यक्ष हरि सिंह झाला, समाजसेवी हरि सिंह बाघेला, मनोहर तेली, गजेंद्र तेली सहित कई लोग उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि बुधवार को खाखड़ी राजस्व ग्राम की आराजी संख्या 702 (रास्ता भूमि) पर वर्षों से रह रहे गायरी समाज के लोगों के अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से कब्जे हटाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर की गई है, जबकि अन्य अतिक्रमणों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण बताया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा । क्षेत्र के खाखड़ी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया ने गुरुवार को गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन पर राजनीतिक द्वेष के चलते एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप लगाए।




