सायरा। क्षेत्र के नाहरो का गुड़ा (सुआवतो का गुड़ा) में शुक्रवार देर रात अचानक लगी आग ने भारी तबाही मचाई। इस अग्निकांड में चार किसानों की साल भर की मेहनत चंद घंटों में जलकर राख हो गई।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात जब ग्रामीण सो रहे थे, तभी अचानक घास के कुंदवों से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर पानी छिड़क कर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि सब कुछ जलकर खाक हो गया।
स्थानिय निवासी मनोहर सिंह ने बताया कि इस आगजनी में गांव के चार किसानों का भारी नुकसान हुआ हैं जिसमें कालु सिंह के 6 कुंदवे, लहर सिंह के 2 कुंदवे, केसर सिंह के 2 कुंदवे सहित एक अन्य किसान के एक कुंदवा जलकर स्वाहा हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि अचानक लगी इस आग ने किसानों के सामने मवेशियों के चारे का संकट खड़ा कर दिया है। यह उनके साल भर की जमा पूंजी थी। घटना के बाद पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और प्रशासन से जल्द से जल्द मौका मुआयना करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संकट की घड़ी में किसानों को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
सायरा। क्षेत्र के नाहरो का गुड़ा (सुआवतो का गुड़ा) में शुक्रवार देर रात अचानक लगी आग ने भारी तबाही मचाई। इस अग्निकांड में चार किसानों की साल भर की मेहनत चंद घंटों में जलकर राख हो गई।




