सायरा। ग्राम पंचायत पलासमा में बुधवार को पारंपरिक जमरा बीज के पर्व पर भव्य मेले का आयोजन किया गया। होली के दो दिन बाद आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और भगवान पदमनाथ जी के दर्शन कर खुशहाली की कामना की।
सेवा और भक्ति का अनूठा उदाहरण
मेले के दौरान मंदिर प्रांगण में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री पदमनाथ युवा संगठन (सूरत) और पलासमा ग्रामवासियों की ओर से शीतल पेय और ठंडे पानी की माकूल व्यवस्था की गई, जिससे भीषण गर्मी में आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा दशकों से चली आ रही है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।अवैध कब्जों को लेकर ग्रामीणों में रोष
हर्षाेल्लास के बीच मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ स्थानीय रसूखदारों ने मनमर्जी से अवैध दुकानें सजा ली हैं। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले व्यापारियों को अपनी दुकानें लगाने के लिए उचित जगह नहीं मिल पा रही है। प्रशासन और पंचायत को बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या को अब तक अनदेखा किया गया है।प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन
मेले में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर बोलते हुए पूर्व उप सरपंच पुनाशंकर जोशी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा ग्रामीणों की शिकायतें वाजिब हैं। प्रशासन के सहयोग से जल्द ही उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने अवैध तरीके से परिसर पर कब्जा कर रखा है। हमारा उद्देश्य है कि भविष्य में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले व्यापारियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
सायरा। ग्राम पंचायत पलासमा में बुधवार को पारंपरिक जमरा बीज के पर्व पर भव्य मेले का आयोजन किया गया। होली के दो दिन बाद आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और भगवान पदमनाथ जी के दर्शन कर खुशहाली की कामना की।




