
गोगुंदा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोगुंदा (ए) ने पंचायत समिति के वार्डों के पुनर्सीमांकन में सत्तारूढ़ दल के दबाव में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। शुक्रवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लालसिंह झाला एवं पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नवीन मेहता को ज्ञापन सौंपकर इस प्रक्रिया पर कड़ा विरोध दर्ज किया हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (ए) के अध्यक्ष रामसिंह चदाणा ने बताया कि पंचायतीराज विभाग के आदेश 17 दिसंबर 2025 के बिंदु संख्या 12 का खुला उल्लंघन किया गया है। निर्देशानुसार एक संपूर्ण ग्राम पंचायत को एक ही पंचायत समिति वार्ड में रखा जाना चाहिए, लेकिन गोगुंदा में पंचायतों को तोड़कर अलग-अलग वार्डों में बांट दिया गया है। जनसंख्या का भारी असंतुलन 19 वार्डों की औसत जनसंख्या लगभग 6,000 होनी चाहिए, लेकिन यहाँ वार्डों में भारी अंतर है। न्यूनतम वार्ड संख्या 1 में मात्र 3,388 जनसंख्या है। अधिकतम वार्ड संख्या 5 में 8,751 जनसंख्या है। भौगोलिक विसंगति कई क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के वार्डों को मुख्य पंचायत से 20 से 25 किलोमीटर दूर स्थित पंचायत समिति वार्डों में जोड़ दिया गया है, जिससे आम जनता को असुविधा होगी।
ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत पाटिया इसके वार्डों को तीन अलग-अलग पंचायत समिति वार्डों (7, 10 और 15) में बांट दिया गया है। राव मादड़ा और कडेचावास इन पंचायतों के भी कुछ वार्डों को अलग कर वार्ड संख्या 2, 3 और 19 में तितर-बितर कर दिया गया है। वार्ड 17 व 18रू इनमें तीन से चार ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्सों को जोड़कर एक वार्ड बनाया गया है, जो नियमों के विरुद्ध है। चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जिले की अन्य 19 पंचायत समितियों की तर्ज पर गोगुंदा में भी संपूर्ण ग्राम पंचायत-एक वार्ड के सिद्धांत पर पुनर्सीमांकन किया जाए। ऐसा न होने पर पार्टी ने न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है। इस दौरान हरी सिंह झाला, उपसंरपच लालकृष्ण सोनी, टीटू सुथार सहित सुरेश लौहार मौजुद रहें।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





