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एक नकारात्मक सोच को सकारात्मक परिणाम दिया शिक्षक चेतन देवासी ने

सायरा – क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में विधार्थियों को शिक्षा देना और सरकारी विद्यालय को‌ एक रोल मॉडल बनाने में एक शिक्षक ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण क्षण के योगदान और स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय को ही रोल मॉडल नहीं बनाया जबकि विद्यार्थियों को भी रोल मॉडल बना दिया।

बात कर रहे हैं उदयपुर जिले के सायरा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय चावड़ावास में सेवा दे रहें शिक्षक चेतन देवासी की उन्होंने सरकारी स्कूलों के प्रति अपने एक साथी के नकारात्मक सोच को सकारात्मक परिणाम देने में अहम पहलू दिया है। उन्होंने बताया कि एक दिन वो‌ अपने साथी के साथ सरकारी स्कूलों पर चर्चा कर रहे थे इस दौरान साथी के विचार सरकारी स्कूलों के प्रति बिल्कुल नकारात्मक थे।

साथी की सोच को लेकर शुरूआत हुई एक रोल मॉडल स्कूल बनाने की । शिक्षक चेतन देवासी बताते हैं कि आदिवासी बहुल क्षेत्र के बिच स्थित चावड़ावास एक छोटा सा गांव है और मात्र 70 घर की आबादी हैं। देवासी 2015 में तृतीय श्रेणी अध्यापक पद विद्यालय में क्रमोन्नत हुए थे। वर्ष 2018 में उन्हें संस्था प्रधान की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2019 में वो अपने साथी के साथ एक दिन समय व्यतीत कर रहे थे तो इस दौरान दोनों के बीच सरकारी स्कूल को लेकर चर्चा शुरू हुई। चर्चा के दौरान उनके साथी ने सरकारी स्कूल के प्रति नकारात्मक टिप्पणी करते हुए कहा सरकारी विद्यालय ऐसे ही चलते इनमें कुछ नहीं हो सकता है।
इन्हीं विचारों के प्रति चेतन देवासी के मन में एक क्रांति का आगाज हुआ और एक दिन ये क्रांति हकीकत में रोल मॉडल बन गई। देवासी ने अपने विचारों को गांव के भामाशाहों से जोड़ा और विद्यालय को एक नई पहचान बनाई। भामाशाहों ने भी देवासी का साथ दिया। देवासी ने भामाशाहों के सहयोग, सरकारी बजट एवं स्वयं की जेब से योगदान देकर विद्यालय में विद्युत कनेक्शन से कार्य की शुरुआत कर योजनाबद्ध कार्य करना शुरू कर दिया। जैसे ही एक तरफ अच्छे कदम की शुरुआत हुई थी तो दूसरी तरफ़ कोराना ने दस्तक दे दी फिर भी हालातों से लड़ते-लड़ते देवासी ने परिस्थितियों को भी मात दी। कोरोना काल के समय देवासी ने विद्यालय और विभागीय शैक्षिक कार्यों एवं कोरोना वॉरियर्स में अपने कर्तव्य के साथ-साथ विद्यालय की भौतिक विकास हेतु एक घर आए प्रवासियों को विद्यालय की वर्तमान स्थिति व आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा कर सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाट्सअप ग्रुप बनाकर प्रवासी भामाशाहों को विद्यालय से जोड़ा। ग्राम स्तर पर प्रवासी कमेटी बनाकर विद्यालय में लाखों रुपए के विकास कार्य पूर्ण किए गए।
भामाशाहों द्वारा दान की गई राशि का योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्यालय विकास में लगाया जिससे विद्यालय वर्तमान समय में शैक्षणिक कार्यों व भौतिक विकास पर सम्पूर्ण राजस्थान में अपनी एक अलग पहचान रखता है और यहीं नहीं सरकारी विद्यालय एक निजी विद्यालय की तरह सभी भौतिक सुख सुविधाओं से सुसज्जित है।
बता दें कि चेतन देवासी दिव्यांग हैं और पिछले कई वर्षों से विद्यालय के एक छोटे से स्टोर रूम में रहते है। उन्होनें रात – दिन कार्य करते हुए भी विद्यालय को अतिरिक्त समय दिया और विद्यालय परिसर में सैकड़ों पेड़ – पौधे लगवाएं। विद्यालय भवन के आगे बेहतरीन गार्डन और किचन गार्डन तैयार किया। परिसर में भी आम, अमरूद, जामुन, आंवला, केले, सहजन सहित कई फलदार पेड़ लगाए गए जो आज फल दे रहे हैं।
चेतन देवासी की सोच क्रांति की हकीकत में बदल गई अब नवाचारों के साथ साथ शिक्षण व्यवस्थाएं के नवोदय कक्षा 6 की वर्ष भर तैयारी करवाई जाती हैं। ड्राप आउट
घुमंतू पलायन हुए बच्चों पर विशेष कार्य किया जाता हैं। सभी बच्चों को भामाशाहों से जोड़ा बच्चों के लिए स्वेटर, बैग टिफिन, बोतल व वर्ष भर के लिए स्टेशनरी निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं।

देवासी कहते हैं कि विद्यालय के आस – पास भले ही वातावरण अच्छा नहीं भी हो लेकिन विद्यालय की संस्था प्रधान व समस्त स्टाफ अच्छी सोच लेकर मुख्यालय पर ही निवास करें तथा ग्रामीणों, अभिभावकों व भामाशाहों के साथ बेहतर तालमेल से, समर्पण – लगन से अपने घर की तरह मेहनत करें तो कुछ भी असंभव नहीं है ।

देवासी ने ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी इस विकास यात्रा में गरीब से गरीब व्यक्ति ने भी अपनी ख़ून पसीने की गाढ़ी कमाई से अपना योगदान दिया है। ऐसा योगदान ही हमें काम करने की ओर अधिक शक्ति देता हैं । इस विकास यात्रा में चावड़ावास गांव की मुख्य भूमिका रही जिन्होंने विद्यालय के लिए एकजुट होकर इतने कम समय में इतना बड़ा बदलाव संभव हुआ और विद्यालय का हर समय साथ दिया ।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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