
गोगुंदा – रविवार को क्षेत्र के मदारडा ग्राम पंचायत के समीप सुभाषपुरा बस्ती में बने मार्बल एसोसिएशन डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रामीणों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। अक्रोशित ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड एसोसिएशन के 15 से अधिक टेंकरो को रूकवा दिया। मामलें को बढता देख अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामिणों को समजाने का भी प्रयास भी किया लेकिन ग्रामिणों ने बात नहीं मानी।

ग्रामीणों ने बताया कि पूंजीपतियों ने अपने निजी फायदे के लिए गरीब लोगों के जीवन को डंपिंग में झोंक दिया है। क्योंकि मार्बलस्लरी का पानी नयागुड़ा, भादवीगुड़ा, बादरवाड़ा होते हुए मदार बड़ा तालाब से होता हुआ झीलों की नगरी के सभी झीलों में शामिल होता है। जो लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। जिससे लोगों को बिमारियों का सामना भी करना पड़ रहा है। बता दें कि इस मार्बल एसोसिएशन डंपिंग यार्ड के पास सुभाषपुरा बस्ती है जिसमें 800 से अधिक परिवार बस्ते है।
पूर्व उपप्रधान पप्पू राणा ने बताया कि सुखेर के रिको इंडस्ट्रियल एरिये की डस्ट टेंकरो के माध्यम से भरकर लाईं जाती है और मार्बल एसोसिएशन डंपिंग यार्ड में एकत्रित की जाती हैं जिसका रिसाव होकर आस-पास के खेतों में भर रहा जिससे खेतों की गुणवत्ता खत्म हो गई है। अब ग्रामीणों को पीने के पानी में भी खरा लगता है। क्योंकि डंपिंग यार्ड का रिसाव सब पानी को दूषित कर चुका है। उन्होंने कहा की अगर समय रहते कारवाई नहीं की गई तो डंपिंग यार्ड ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएंगा।

इस दौरान तहसीलदार रणछोड़ दास, रेवेन्यू इंस्पेक्टर राजेश दमामी, भंवर सिंह, विजय वावडी (मदारडा) पूर्व उप-सरपंच भारत सिंह, रामलाल, मदारडा उप-सरपंच भोला राम गमेती, नाथु सिंह, शैतान सिंह, वरदा राम, बाबू लाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य हमेर लाल, लहेरी लाल, धुला राम, नानालाल, लालू राम, दोलाराम, पिंटू लाल, बाबूलाल, खेमराज गणेश लाल, गोपी लाल सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





