जयपुर – बुधवार को राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने जयपुर पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। उन्होेने नए आपराधिक कानूनों के प्रवर्तन एवं प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा की व दिशा निर्देश दिए।
डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेन्स के दौरान विभिन्न थानों के कांस्टेबल्स, थानाधिकारियों, वृत्ताधिकारियों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक व संबंधित रेंज महानिरीक्षकों से समीक्षात्मक चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, नवीन आपराधिक कानूनों के सुचारू क्रियान्वयन, प्रकरणों के 60 व 90 दिवस की अवधि में समयबद्ध निस्तारण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने विधि विज्ञान विशेषज्ञ द्वारा घटनास्थल निरीक्षण, ई-साक्ष्य के संकलन, ई-सम्मन तामिल की प्रक्रिया, जीरो तथा ई-एफआईआर के पंजीकरण एवं प्रेषण के साथ संगठित अपराध से संबंधित धाराओं पर कार्यवाही के बारे में जानकारी ली। साथ ही आपराधिक सम्पत्ति की कुर्की एवं जब्ती, बीएनएसएस की धारा 107 के तहत की गई कार्यवाहियों की समीक्षा, उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई, अनुपस्थिति में जांच एवं विचारण (धारा 356 बीएनएसएस) की प्रगति पर भी चर्चा की।
इस दौरान डीजीपी ने क्राई-मैक पोर्टल के उपयोग के संबंध में चर्चा के साथ-साथ ऑनलाइन एमएलसी एवं फिंगर प्रिंट डेटा, गिरफ्तार व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट अपलोड करने, घटनास्थल से प्रिंट का संकलन एवं मिलान की स्थिति, पुलिसिंग व विधिक विषयों पर गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र में सुबह 11 से 11.30 बजे तक थाना स्तर के अधिकारियों एवं कांस्टेबल्स से संवाद किया व सभी को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, त्वरित निस्तारण, तकनीकी संसाधनों के उपयोग एवं जन-विश्वास सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरा सत्र 11.40 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं आयुक्त तथा रेंज महानिरीक्षक के साथ विस्तृत, गहन व व्यापक मंथन किया गया। राजस्थान पुलिस के विभिन्न कार्यों की समीक्षा के साथ ही साथ पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा की व एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों, धारा 27ए एवं 30, धारा 68एफ, पिट एनडीपीएस एक्ट की कार्यवाही तथा सक्रिय हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाईयों को लेकर निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण में तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग के दिए निर्देश
डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नवीन विधानों एवं तकनीकी संसाधनों का कुशलतम उपयोग करते हुए प्रभावी अपराध नियंत्रण, शीघ्र विवेचना और अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल का प्रत्येक सदस्य विधि के शासन एवं कानून-व्यवस्था की कड़ाई से पालना कराने के साथ-साथ जनता के साथ सहभागिता निभाते हुए प्रदेश में शांति व सौहार्द का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस मैत्री स्थापित करे व लोगों से सद्व्यवहार बनाए। उन्होंनें नवीन आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता पैदा करने के संबंध में भी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।





