
गोगुंदा (Udaipur)- उपखंड क्षेत्र में तेज बारिश का दौर शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ जो दोपहर तक मूसलाधार बारिश के साथ जारी रहा । इस दौरान सायरा, गोगुंदा, उदयपुर सहित राजसमंद में नदी नाले उफान पर नजर आए ।सायरा क्षेत्र के जरगा जी तट से गुजरने वाली बनास नदी अपने तेज वेग के साथ लंबे समय तक उफान पर रही। वहीं बनास नदी के समीपवर्ती जरगा जी,पलासमा, रोयडा, जरगा जी , वेरो का मठ और परशुराम महादेव मंदिर के अधिकांश गांवों के रास्ते लंबे समय तक अवरूद्ध रहे ।
सायरा कुंभलगढ़ मार्ग पर गिरी पहाड़ी चट्टानें
सायरा क्षेत्र से कुंभलगढ़ जाने वाले मार्ग पर मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण कुंभलगढ़ दुर्ग मार्ग पर एक पहाड़ से चट्टानें गिर गई हैं। जिसकी वजह से सायरा – कुंभलगढ़ मार्ग बंद हो गया था ।
परशुराम महादेव मंदिर में पानी हुआ लबालब 
परशुराम महादेव मंदिर के समीप आस-पास के अधिकांश क्षेत्रों में पानी का तेज बहाव घरों तक रास्ता कर गया। वहीं वेरो का मठ से परशुराम महादेव जाने वाले रास्ते पर बने पुल से एक महिला नाले में बह गई। नाला वेरो का मठ कुंड की तरफ जाता है। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे।
स्कूल वैन में सवार बच्चे बहें पानी में 
राजसमन्द – तेज बारिश के चलते एक तालाब का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाने से जिले के समीप कुंभलगढ़ के निकट ओडा गांव में एक स्कूल की वैन फंस गई। जिसमें 3 बच्चे, एक ड्राइवर और 2 अन्य लोग सवार थे। जो पानी के बहाव में दूर तक बह गये। जिन्हें करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। पानी के तेज बहाव में कुछ बच्चों ने पेड़ का सहारा लेकर अपनी जान बचाई।
वहीं सूचना के बाद प्रशासन ने पानी में फंसे बच्चों को निकालने के लिए जिला प्रशासन की सिविल डिफेंस टीम को भी मौके पर बुलाया। ग्रामीणों ने बताया कि वैन जब पानी में फंसी थी तब बहाव कम था, लेकिन कुछ मिनटों में ही वैन का अधिकतर हिस्सा पानी में डूब गया।
प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
इधर तेज बारिश के चलते सायरा सायरा तहसील प्रशासन की ओर से आमजन से अपील करते हुए हुआ। आदेश जारी किया है। प्रशासन ने आदेश दिया है कि वर्तमान में क्षेत्र में लगातार मूसलधार वर्षा हो रही है, जिससे बाढ़, जलभराव एवं जनहानि की आशंका बढ़ गई है।
ऐसी स्थिति में आपकी सुरक्षा हेतु दिशा-निर्देश जारी किए हैं
- जलाशयों के डूब क्षेत्र, नदियों एवं बरसाती नालों के समीप जाने से बचें।
- तेज बहाव होने की स्थिति में सड़कें व पुलिया पार करने का प्रयास न करें।
- जलभराव या बाढ़ संभावित क्षेत्रों के निवासी सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर शीघ्र पहुँचें।
- बिजली के खंभों, लटकते तारों और ट्रांसफार्मर से दूर रहें।
- बच्चों को विशेष निगरानी में रखें और उन्हें नालों या जलधाराओं के पास न जाने दें।
- ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही सुरक्षित स्थान एवं राहत शिविर चिह्नित कर लें।
- किसी भी स्थिति में अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचना का पालन करें।
- घरों में आवश्यक खाद्य सामग्री, पीने का पानी, बैटरी, टॉर्च आदि की व्यवस्था रखें।
- यदि घर में जलभराव की स्थिति बन रही हो तो बिजली का कनेक्शन बंद कर दें।
- अपने पड़ोसी, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सहायता करें।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





