गोगुंदा (Udaipur) – सोमवार को सायरा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत पालिदाणा के ग्रामवासियों ने उपखंड अधिकारी शुभम भैसोरे को ज्ञापन सौंपा। ग्रामवासियों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत पालिदाणा के राजस्व गांव जोरिया को जिला कलक्टर द्वारा पंचायत पुनर्गठन नोटिस में आपत्ति बिंदु दर्ज किया गया है। जो कि पंचायत पुनर्गठन 2011 की जनगणना के आधार पर लिया गया हैं। वर्ष 2011 में जोरिया राजस्व गांव नहीं था। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि पंचायत पुनर्गठन के तहत राजस्व गांव जोरिया का कोई भी सदस्य ग्राम पंचायत कुण्डलावास में नहीं जुड़ना चाहता हैं। क्योंकि कुण्डलावास ग्राम पंचायत गांव जोरिया से 7 किलोमीटर की दूरी और वर्तमान में ग्राम पंचायत मात्र 2 किलोमीटर दूरी पर ही है । वहीं पंचायत कार्यालय आने-जाने के लिए पक्की सड़क हैं तो कुण्डलावास ग्राम पंचायत जाने के लिए 4 ग्राम पंचायतों को पार करके जाना पड़ता है जो बिल्कुल ही जायज़ नहीं है। कुण्डलावास और जोरिया के बीच आवागमन के लिए भी सड़क या पैदल जाने के लिए रास्ता सही नहीं है और न ही भविष्य में सड़क बनने जैसे कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं होगी क्योंकि बिच में जंगली क्षेत्र है और सेड डेम जाने वालीं नदी एवं पहाड़ गुज़रता है। गांव जोरिया का जुड़ाव हर प्रकार से ग्राम पंचायत पालिदाणा के गांव बागुनी, पालिदाणा, दौलतपुरा, कुम्हारवास, उन्डेर है। इस तरह सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं शिक्षा विज्ञान व विकास से जुड़ाव पालिदाणा ग्राम पंचायत से है।

इस दौरान सायरा प्रधान सवा राम गमेती, ब्लाक अध्यक्ष राम सिंह ,क्रय-विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष हरि सिंह झाला , पालिदाणा उप सरपंच केसा राम गमेती ,वार्ड पंच कन्या बाई, नरपतसिंह झाला, महेंद्र सिंह ,रंग लाल गमेती, खेमराज, काना राम ,देवा राम ,जेठा राम सहित ग्रामवासी मौजूद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।




