उदयपुर – हनुमान जन्मोत्सव को लेकर मंशापूर्ण हनुमान मंदिर बदनोर की हवेली में श्री मंशापूर्ण मित्र मंडल की ओर से सुबह 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, रुद्राभिषेक सहित विधि विधान के साथ प्रभु को बेहद सुंदर और अलौकिक श्रृंगार करवाया गया।
पाग, कलश यात्रा में उमड़े भक्त, महाआरती में पहुंचे श्रीजी डॉ. लक्ष्यराज ओर महाराज भँवर हरितराज
मित्र मंडल के संरक्षक भूपेश मेहता ने बताया कि सुबह कलश यात्रा और पाग यात्रा का आयोजन किया गया । यात्रा में स्वर्ण रथ पर जहाँ हनुमान रूपी बालक रथ के सारथी बने तो वही रथ में 1111 मीटर की पाग का दर्शन करने हनुमान भक्त उमड़ पड़े। भक्तो ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया।मंडल अध्यक्ष राजेश तोषनीवाल ने बताया कि पाग ओर कलश यात्रा शहर के अंदरूनी इलाकों से होकर श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पहुंची । यात्रा में अखाड़ा प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंची तो श्री राम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा । इसके बाद प्रभु राम की जय हो , प्रभु राम की जय हो के जयकारों के साथ में 1111 मीटर की पाग श्री मंशापूर्ण हनुमान को धारण करवाई गई ।
मंडल प्रभारी प्रवीण बैरागी ने बताया कि शाम को 4 बजे से श्री मंशापूर्ण हनुमान जी के लिए पिछले 7 दिनों से 101 कारीगरों द्वारा तैयार 56 भोग का विधि विधान ओर जयकारों के साथ भोग धराया गया।
मंदिर पुजारी पवन महाराज ने बताया कि शाम को 7:15 बजे जन्मोत्सव पर विशेष रूप से महाआरती की गई। महाआरती में श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ओर भंवर हरित राज महाराज कुमार भी शामिल हुए। मित्र मंडल की ओर से श्रीजी का भव्य स्वागत सत्कार किया गया। महाआरती के दौरान भक्तो की आस्था प्रभु राम और जय श्री हनुमान के जयकारों से देखते ही बन रही थी। हर साल की तरह इस साल भी मंशापूर्ण मित्र मंडल की ओर से हेमराज राष्ट्रीय व्यायामशाला में महाप्रसादी का आयोजन किया गया । जिसमें करीब 30 हजार से ज्यादा भक्तों ने प्रसादी का लाभ लिया।इस संपूर्ण आयोजन में मंडल की ओर से करीब 1000 कार्यकर्ताओं ने दिन- रात मेहनत करके इस जन्मोत्सव को सफल बनाया। अलग-अलग टीमें छप्पन भोग, महाप्रसाद जी, महाआरती, शोभायात्रा, कलश यात्रा के लिए लगी रही और साथ ही भजन संध्या को भी सुंदर रूप दिया गया। शाम को महाप्रसादी के साथ आयोजित भजन संध्या में भजन गायिका के रूप में श्रेया पालीवाल,संगीता सुथार, सुल्तान सिंह राठौड़ और ईश्वर दास ने प्रभु श्री राम और कलयुग के देवता श्री हनुमान के भक्तों के भजन गाकर देर रात तक भक्तो को झूमाया।





