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जो कह रहे है कि 17 साल में संविधान पुराना हो जाता है, उनकी मंशा को समझना होगा – सत्यवीर सिंह

गोगुंदा में सम्पन्न हुआ मेघवाल समाज का महासम्मेलन, उदयपुर के पूर्व आईजी ने भी की शिरकत

गोगुंदा (Udaipur) – गुरूवार को पिण्ड़वाड़ा हाइवे पर ओबरा तिराहे के समीप ग्राउण्ड में मेघवाल समाज का महासम्मेलन व प्रतिभावान सम्मान समोराह आयोजित किया गया। उदयपुर के पूर्व आईजी सत्यवीर सिंह, दलित चिंतक व लेखक भंवर मेघवंशी तथा ज्ञान ज्योति संस्थान के इंजिनियर राहुल मेघवाल ने वक्ता के रूप कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में गोगुंदा, सायरा, बड़गांव, उदयपुर, कुंभलगढ़ व झाड़ोल सहित कई गांवों के मेघवाल समाज के करीब 5000 महिला-पुरूषों ने भाग लिया।

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्व आईपीएस सत्यवीर सिंह ने कहा कि चुनाव का समय आ गया है, अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को जागृत होकर निर्णय लेना होगा कि साथ किसका देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अनूसूचित जाति अधिकार अभियान राजस्थान द्वारा प्रदेश भर में सामाजिक न्याय यात्रा निकाली गई और अंत में जयपुर में राजस्थान के 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी के मुद्दों को लेकर बनाए गए दलित घोषणा पत्र को जारी किया गया। जो राजनीतिक पार्टी उन घोषणाओंको अपने घोषणा पत्र में शामिल करे, उन्हें समाज समर्थन करें। उन्होंने कहा कि जो समाज के लिए लड़ता है, समाज को उसके लिए लड़ने का निर्णय भी लेना चाहिए। उन्होंने प्रदेश भर में जगह-जगह दलित वर्ग के लोगों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमों को बंद करने व निर्दाेष लोगों मुकदमों से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ने की घोषणा भी की। साथ ही संविधान को बदलने की मंशा रखने वाले लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आर्थिक नीतियों के सलाहकार बिबेकदेव रॉय कहते है कि 17 साल में संविधान पुराना हो जाता है। कई लोग कह रहे है कि संविधान के ढ़ांचे को बदला जा सकता है। आखिर इन सब की मंशा क्या है।

लेखक भंवर मेघवंशी ने कहा कि मेघवाल समाज आध्यात्मिक प्रवृति का समाज है। इस समाज में कई संत हुए। यह श्रमण, निर्गुण अलख उपासक समाज है। इस समाज में कई आत्मबलिदानी हुए। जिनके शरीर पर मेहरानगढ़, पिछोला व पुष्कर झील की दीवारें खड़ी की गई। पंचशील को मानने वाले इस समाज पर विगत कुछ समय से हमले किए जा रहे है। अब विलाप करना व अन्याय सहन करना बंद कर मजबूती से प्रतिरोध करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों को विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए, ताकि उनके परिवार पर अत्याचार हो तो वे वहीं बैठे-बैठे यूएनओ चिट्ठी लिखे। उन्होंने देवालयों के पास पुस्तकालय खोलने, बौद्धिक सम्पदा का निर्माण करने व समाज के आईएएस व आईपीएस बनने वाले लोगों का सम्मान करने के साथ-साथ उनकी सोशल ऑडिट करने की बात भी कही।

मेघवंशी ने कहा कि मेघवाल समाज को अपना मन फकीरी में लगाने की बजाए अमीरी में लगाना चाहिए। उन्होंने मंच में बैठे संतों से कहा कि वे समाज के लोगों को स्कूल व छात्रावास खोलने की दिशा बतावे।

मेघवंशी के वक्तव्य के बाद संत तुलसीदास महाराज ने छात्रावास बनाने के लिए 4 बीघा जमीन देने की घोषणा की तो मंच व पांडाल में बैठे समाज के दानदाता वेणीराम मेघवाल, गुलाबचंद मेघवाल, भंवर लाल मेघवाल, दौलत मेघवाल, नारायण मेघवाल व नाथू लाल मेघवाल सहित समाज के कई भामाशाहों ने हाथों हाथ छात्रावास निर्माण के लिए 10,05,151 रूपए देने की घोषणा कर दी।

अब वोट से चोट करने का समय आ गया – किशन मेघवाल

सम्मेलन में भारोड़ी गांव के लोगों ने गांव तक स्वीकृत हुई डामर सड़क सड़क का निर्माण नहीं करने की बात बताते हुए कहा कि गांव के सवर्ण लोगों द्वारा सड़क निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े संघर्षों के बाद सरकार ने सड़क स्वीकृत की लेकिन कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोग ही सड़क बनाने से रोक रहे है। वहीं जसवंतगढ़ में हुए झण्ड़ा प्रकरण को लेकर पूर्व जिला परिषद सदस्य किशन मेघवाल ने कहा कि जसवंतगढ़ प्रकरण में निर्दोष लोगों के नाम एफआईआर में लिखे गए है, जो लोग वहां समझाइस कर रहे थे, जो वहां मौजूद ही नहीं थे, उनके नाम भी एफआईआर में लिखे गए है। उन्होंने विगत 5 सालों में मेघवाल समाज के लोगों पर हुई अत्याचार की घटनाएं याद दिलाते हुए कहा कि अब वोट से चोट करने का समय आ गया है। मेघवाल समाज को पीछे धकेलने वालों और अत्याचार करने वालों को बचाने वाले जनप्रतिनिधियों का प्रतिरोध वोट की चोट से करेंगे।

महासम्मेलन को ज्ञान ज्योति संस्थान के इंजिनियर राहुल मेघवाल, भंते सिद्धार्थ वर्धन, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी भंवर लाल मेघवाल, इंजिनियर नाथू लाल मेघवाल व  पार्वती मेघवाल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

इस दौरान अम्बेडकर शिक्षक संघ के राम लाल मेघवाल, मन्ना जी का गुड़ा के नारायण मेघवाल, करदा के एकलिंग मेघवाल, पीटीआई कमलेश मेघवाल, भवानीशंकर मेघवाल, वनदास महाराज, नान्देशमा के राजू मेघवाल, सुआवतों का गुड़ा के सुरेश मेघवाल, डॉ. सुरेश मेघवाल, पुनावली के मोहन मेघवाल, शिवनारायण मेघवाल, दलपत मेघवाल, भूपेंद्र मेघवाल व एडवोकेट दुर्गेश मेघवाल सहित हजारों समाजजन मौजूद थे।

इस दौरान प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, नवनियुक्त सरकारी कर्मचारी व अधिकारी तथा जिला व राज्य स्तर पर खेलकूद में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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Author: dailyrajasthan

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