सायरा। क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों और उनके उत्थान के लिए कार्यरत राजस्थान श्रम सारथी एसोसिएशन ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था के सक्रिय प्रयासों से क्षेत्र के दो शोकाकुल आदिवासी परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे इन परिवारों को दुख की घड़ी में बड़ा संबल मिला है।
एसोसिएशन के कार्यकर्ता महेंद्र मेघवाल और दुदाराम गमेती ने बताया कि संस्था न केवल क्लेम दिलवाने में मदद कर रही है, बल्कि पीड़ित परिवारों को भविष्य के लिए आर्थिक रूप से साक्षर भी बना रही है।
कांबा निवासी नैनकी बाई कांबा निवासी नैनकी बाई (पत्नी जवाराम गमेती), जो मारवाड़ में मजदूरी करती थीं, की पिछले वर्ष नवंबर में अचानक मृत्यु हो गई थी। नैनकी बाई का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा था। एसोसिएशन ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों से 2 जनवरी को बैंक में दावा पेश करवाया। संस्था के प्रयासों से 28 जनवरी को 2 लाख रुपये की क्लेम राशि पति के खाते में स्थानांतरित हो गई।
एसोसिएशन के मार्गदर्शन में परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्राप्त राशि में से 1 लाख रुपये की एफडी (सावधि जमा) करवाई है।वहीं दियाण निवासी कंकू बाई दूसरा मामला ग्राम पंचायत दियाण के भीलवाड़ा का है। यहाँ कंकू बाई (पत्नी अनदा राम गमेती) की गत वर्ष 17 दिसंबर को मृत्यु हो गई थी। मृतका के पति गुजरात में रसोइ का काम करते हैं। एसोसिएशन की मदद से परिजनों को 27 जनवरी को 2 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त हुई। एसोसिएशन के निर्देश पर परिजनों ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 50 हजार रुपये की एफडी करवाई है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
सायरा। क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों और उनके उत्थान के लिए कार्यरत राजस्थान श्रम सारथी एसोसिएशन ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था के सक्रिय प्रयासों से क्षेत्र के दो शोकाकुल आदिवासी परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे इन परिवारों को दुख की घड़ी में बड़ा संबल मिला है।





