
सायरा – विगत तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से नदी नालें ऊफान पर हैं। सोमवार को ग्राम पंचायत कमोल के समीप बोरावली मादडीं के निवासी प्रथ्वी सिंह पुत्र भवानी सिंह की मृत्यू के बाद शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए करीब चार घटों तक बैठना पडा।
एडवोकेट मंगल सिंह ने बताया कि श्मशान घाट के बीच एक बड़ा नाला पडता हैं जो पानी के तेज बहाव के कारण शव यात्रा रोकनी पड़ी। करीब 4 घंटे बाद पानी का बहाव थोड़ा कम हुआ। उसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद शव को शमशान तक पहुंचा जा सका। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान जाने वाले मार्ग पर जो नाला है वहां एक पुलिया बन जाए तो ये समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर खबर चल रही है कि पूलिया ठिक नहीे होने के कारण शव यात्रा को चार घंटे तक रोकनी पडी। जब मैंने पता किया तो पूलिए की वास्तविक स्थिति बिल्कुल सही है। लेकिन जैसा खबर में दिखाया गया है वैसे स्थिति नहीं है। जिस पूलिए का खबर में जिक्र किया जा रहा है वो पुलिया भूतपूर्व सरपंच की निगरानी में बना हुआ है। और अभी तक सुरक्षित स्थिति में है । मैंने मेरे कार्यकाल के दौरान एक पुलिया निर्माण करवाया था। वो मुख्य पूलिये से महज़ 500 मीटर की दूरी पर है और वो भी सुरक्षित है। तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है तो सब जगह पानी पसरा हुआ है तो पुलिये से भी पानी चल ही रहा है। सोशल मिडिया पर भ्रामक खबर चलाई जा रही है उसका मैं खंडन करता हुं।
शंकर लाल गमेती, सरपंच कमोल
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





