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मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में लाया जाएगा विविधिकरण-प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त

उदयपुर– प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने कहा है कि खान एवं भूविज्ञान विभाग की सभी सेवाओं को चरणवद्ध तरीके से ऑनलाईन लाया जाएगा। मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में इस तरह से कार्य-योजना तैयार की जाए ताकि प्रधान खनिजों की नीलामी में विविधिकरण लाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस समय लाइमस्टोन के ही सर्वाधिक ब्लाकों की नीलामी की जा रही है जबकि राजस्थान में अन्य मेजर मिनरल के भण्डार भी उपलब्ध हैं। उन्होंने राजस्व संग्रहण में समग्र प्रयास करने के निर्देश दिए और पुरानी बकाया वसूली पर जोर देना होगा।

प्रमुख सचिव माइंस शनिवार को उदयपुर खनिज भवन में निदेशक दीपक तंवर के साथ वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा माइनिंग प्लान व नोड्यूज ऑनलाईन जारी करने के निर्देशों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे है। चरणवद्ध तरीके से खान विभाग की सेवाओं को ऑनलाईन मोड पर लाया जाएगा। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता, समयवद्ध निष्पादन, कार्यों निष्पादन में गुणवत्ता और हितधारकों के समय व धन की बचत हो सकेगी।

रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग ने मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में समूचे देश में परचम फहराया है। अब हमें मेजर मिनरलों में ही लाइमस्टोन के साथ ही अन्य मेजर मिनरलों के एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन की और ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की एक अन्य प्रमुख प्राथमिकता नीलाम माइंस को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के ठोस प्रयास करने होंगे। ब्लॉकों के डेलिनियेशन के समय ही चारागाह या अन्य अवरोध वाले स्थानों से परे ब्लॉक तैयार किये जाएं ताकि ऑक्शन ब्लॉकों को परिचालन लाने में अनुमतियों के चक्कर में देरी ना हो। उन्होंने भारत सरकार के एनएमईटी में प्राप्त राशि का उपयोग आधारभूत सरंचना विकसित करने में करने के निर्देश दिए ताकि विभागीय कार्यालय आवश्यक उपकरणों व संसाधनों से संपन्न हो सके।

निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि माइनिंग प्लान के ऑनलाईन अनुमोदन व नो-ड्यूज की ऑनलाईन व्यवस्था से खान धारकों को राहत मिली है। कम समय में ही प्राप्त आवेदनों में से सीधे लीजधारकों द्वारा स्वयं ही 117 नोड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त किये हैं। इससे उन्हें ना तो विभाग में आवेदन करने के लिए आना पड़ा और ना ही नोड्यूज प्राप्त करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इसी तरह से माइनिंग प्लान ऑनलाईन जारी करने की व्यवस्था के बाद 99 प्लान प्राप्त हुए है जिन पर विभिन्न स्तरों पर ऑैनलाईन निष्पादन की कार्रवाई जारी है। तंवर ने बताया कि मिनरल ब्लॉकों के डेलिनियेशन से लेकर नीलामी तक में तेजी लाई गई है और पूरी कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त निदेशक प्रशासन ओपी बुनकर, पीआर आमेटा, एडीजी गोपाला राम, वित्तीय सलाहकार गिरीश कछारा, अधीक्षण खनि अभियंत भीम सिंह, दीवान सिंह देवड़ा, कमलेश्वर बारेगामा, डॉ. धर्मेन्द्र लोहार, एसपी शर्मा, सतीश आर्य, एसजी नितिन चौधरी, खनि अभियंता आसिफ अंसारी, एसीपी जयेश नीनामा आदि ने संबंधित क्षेत्रों की प्रगति से अवगत कराया।

खनिज भवन में किया पौधारोपण

प्रमुख शासन सचिव टी रविकांत ने खनिज भवन परिसर में मुख्यमंत्री वृक्षोरापण महाभियान हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण भी किया। अतिरिक्त निदेशक प्रभारी हरियालो राजस्थान महेश माथुर ने बताया कि माइनिंग सेक्टर में करीब 6 लाख पौधारोपण किया जा चुका है। स्थानीय अधिकारियों को सहप्रभारी बनाया गया है और उनके द्वारा पौधारोपण को गति दी जा रही है।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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