
उदयपुर– जिले के आदिवासी कलाकार मांगीलाल गमेती की पक्षियों के पंखों पर की गई अद्भूत चित्रकारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को अभिभूत कर दिया। माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से जनजाति कलाकारों के लिए संचालित बनफूल से संबद्ध देवाली निवासी मांगीलाल गमेती ने गुरूवार को जयपुर में आयोजित सहकार सम्मेलन के दौरान दोनों केंद्रीय मंत्रियों को अपनी कृतियां भेंट की। छोटे से पंख पर भगवान श्री कृष्ण की चित्राकृषक देखकर शाह और शेखावत ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही जनजाति कलाओं को संरक्षित करने के प्रयासों को भी सराहा।
उल्लेखनीय है कि टीआरआई परिसर में जनजाति डिजाइन स्टूडियो बनफूल की स्थापना जनजातीय कला को संरक्षण एवं संवर्धन किए जाने की दृष्टि से की गई है। यह स्टूडियो पारंपरिक जनजातीय कला और डिजाइन का मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही स्टूडियो पारंपरिक जनजातीय कला से प्रेरित समकालीन परिधान, घरेलू सामान एवं वस्तुओं के डिजाइन में सहयोगी बन रहा है।
जनजाति डिजाइन स्टूडियों जनजातीय कलाकारों को सूचीबद्ध करते हुए उनके डिजाइन एवं कलाकृतियों को तैयार कर बाज़ार में उपलब्ध कराया जाता है। स्टूडियो के लिए कलाकारों की सूची संधारित की गई है। बनफूल जनजाति डिजाइन स्टूडियो जनजातीय कला के समृद्ध भंडार को संहित करने का कार्य करते हुए राजस्थान की विभिन्न पारंपरिक जनजातीय कला सुरक्षित किए जाने के माध्यम के रूप में स्थापित किया गया है। उक्त स्टूडियो अंतर्गत जनजातीय कलाकारों द्वारा चित्रित साड़ियां, चदरदें, स्कूल ड्रेस, माण्डणा कला, पेंटिंग एवं विभिन्न काष्ठ कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। यह स्टूडियो राज्य के जनजातीय कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है, जिससे राज्य के जनजातीय कलाकारों को अपनी कला का व्यवस्थित मंच मिल रहा है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





