उदयपुर – अंबामाता (लकड़वास) गांव में सोमवार को मेघवाल समाज गिर्वा 33 गांव चौखला की बैठक समाज अध्यक्ष रामलाल मेघवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सामाजिक कार्यक्रमों में होने वाले अनावश्यक खर्च को सीमित करने और बची राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा पर करने सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
समाज के अध्यक्ष रामलाल मेघवाल ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रकाशित होने वाली पारिवारिक परिचय निर्देशिका के लिए अब तक 164 प्रपत्र जमा हो चुके हैं। समाज की ओर से विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन, समाज की प्रतिभाओं का सम्मान और सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने का भी प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि परिवारों में होने वाले सगाई, विवाह, स्वागत समारोह, मायरा, थाली-परसादी, मृत्यु भोज, पगड़ी दस्तूर और गंगोज जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। कार्यक्रमों में कम से कम राशि खर्च कर बची हुई राशि बच्चों की शिक्षा पर खर्च की जाए, ताकि परिवार आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ सकें।
सामाजिक आयोजनों को लेकर लिए निर्णय
बैठक में मांगलिक कार्यक्रमों को लेकर भी कई निर्णय लिए गए। सगाई और चीड़ी दस्तूर में वधू को दो वेश, दो रकम के साथ डेढ़ से दो तोला सोना और 250 ग्राम चांदी की पायजेब देने की व्यवस्था रखने पर सहमति बनी। तिलक दस्तूर में वर को 1101 रुपये तथा एक ड्रेस या सूट देने का निर्णय लिया गया। दोनों पक्षों का सगाई समारोह सामूहिक रूप से करने पर जोर दिया गया।
बैठक में पेरावणी में पीहर और ननिहाल पक्ष की मान्यता रखने तथा समाजजन और रिश्तेदारों को लिफाफे में धनराशि भेंट करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया। वधू को डायचे के बजाय परिवार की सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग देने की बात कही गई। जागरण, गोलविटी, मुट्ठी व पराई में पेरावणी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया।
मृत्यु भोज और नशे पर भी लिए फैसले
समाज की बैठक में मृत्यु के बाद होने वाली रस्मों को लेकर भी निर्णय लिए गए। परिवार में किसी परिजन की मृत्यु होने पर तीसरे दिन उठावणा और 12 दिन की बैठक के बाद बैठक व्यवस्था पूर्ण रूप से समाप्त करने पर सहमति बनी।
जाजम पर अफीम, तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया। पगड़ी दस्तूर में मामा और ससुराल पक्ष की पगड़ी को ही मान्यता देने तथा कोतवाल व्यवस्था बंद कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप्प के माध्यम से शोक सूचना देने की व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में महामंत्री जाजी मेघवाल, मुख्य संरक्षक लक्ष्मीनारायण मेघवाल, संरक्षक हीरालाल मेघवाल, जगन्नाथ मेघवाल, महामंत्री जगदीश झलानिया, सलाहकार प्रेमशंकर मेघवाल, मीठालाल मेघवाल, राजेंद्र रलोती, हेमंत मेघवाल, वेणीराम मेघवाल, बाबूलाल मेघवाल, भूपेंद्र मेघवाल, चुन्नीलाल मेघवाल, अंबालाल मेघवाल सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।




