गोगुंदा। थाना क्षेत्र के कुंडाऊ (मजावद) निवासी तुलसीराम गमेती के लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। शुक्रवार को थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता लेते हुए ड्रोन कैमरे से सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
मामले को लेकर सब इंस्पेक्टर हितेश यादव ने बताया कि तुलसीराम 15 फरवरी से लापता है। परिजनों ने गांव के ही वेणी सिंह पर उसे अगवा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस इस रिपोर्ट के आधार पर संदिग्ध से गहन पूछताछ कर रही है।
उन्होने कहा है कि गांव चारों ओर से घने जंगली क्षेत्र से घिरा है। इलाके में सीसीटीवी कैमरों का अभाव होने के कारण सुराग जुटाने में काफी कठिनाई हो रही है। वहीं पुलिस टीम अब तक इलाके के तीन कुंओं और संभावित छिपने वाले स्थानों की पूरी तलाशी ले चुकी है। शुक्रवार को ड्रोन के जरिए दुर्गम इलाकों की निगरानी की गई।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि टीम पूरी सक्रियता से कार्य कर रही है और हर संभावित बिंदु पर जांच जारी है। ड्रोन ऑपरेशन के माध्यम से उन जगहों तक पहुँचने की कोशिश की गई जहाँ पैदल जाना चुनौतीपूर्ण है।
ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश
दूसरी ओर, तुलसीराम का सुराग न लगने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर गुमराह करने और ढिलाई बरतने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 20 दिनों से पुलिस केवल सामान्य प्रक्रिया अपना रही है। ड्रोन उड़ाने और कागजी कार्रवाई का धरातल पर कोई ठोस परिणाम नजर नहीं आ रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली केवल समय बिताने जैसी लग रही है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। थाना क्षेत्र के कुंडाऊ (मजावद) निवासी तुलसीराम गमेती के लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। शुक्रवार को थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता लेते हुए ड्रोन कैमरे से सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।




