गोगुंदा। कस्बे के ऐतिहासिक राजतिलक स्थल पर गुरुवार को आदिवासी समाज ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए महापड़ाव डाला। कुंडाऊ निवासी तुलसीराम गमेती के 12 दिनों से लापता होने और पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस सुराग न जुटा पाने से नाराज सैकड़ों की संख्या में समाजजन न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
उल्लेखनीय है कि कुंडाऊ निवासी तुलसीराम गमेती बीते 15 फरवरी को अपने घर पर कार्य कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि उसी दौरान मजावद निवासी वेणी सिंह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब अगले दिन तक तुलसीराम घर नहीं लौटा और परिजनों ने वेणी सिंह से पूछताछ की, तो उसने संतोषजनक जवाब देने के बजाय परिजनों को धमकाना शुरू कर दिया। परिजनों ने गोगुंदा थाने में नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे। प्रशासन की इसी सुस्ती से क्षुब्ध होकर समाज ने आंदोलन का रास्ता चुना।
राजतिलक स्थल पर उमड़े प्रदर्शनकारी
गुरुवार सुबह से ही राजतिलक स्थल पर आदिवासी समाज के लोगों का जुटना शुरू हो गया। देखते ही देखते वहां सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि लापता युवक को जल्द से जल्द खोजा जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।वार्ता के बाद देर शाम स्थगित हुआ धरना
दिनभर चले इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद देर शाम पुलिस प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई। यूथ कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष बालू भील ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने का पुख्ता आश्वासन दिया है। प्रशासन के भरोसे पर फिलहाल धरना स्थगित किया गया है, लेकिन यदि आगामी दिनों में कार्रवाई में ढिलाई बरती गई, तो समाज बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा।इस दौरान छाली सरपंच गणेश लाल खैर, गोडन सरपंच उदयलाल कटारा, उंडीथल के पूर्व सरपंच दिलीप गमेती, समाजसेवी रूपलाल गमेती, सुरेश गोविंद, नाल सरपंच भंवर लाल गमेती, कुंडाऊ सरपंच पति मोतीलाल सहित केसुलाल खैर, दिलीप, खमाणी लाल, मुकेश और ऊमा राम जैसे कई गणमान्य लोग व सैकड़ों समाज्जन मौजूद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। कस्बे के ऐतिहासिक राजतिलक स्थल पर गुरुवार को आदिवासी समाज ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए महापड़ाव डाला। कुंडाऊ निवासी तुलसीराम गमेती के 12 दिनों से लापता होने और पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस सुराग न जुटा पाने से नाराज सैकड़ों की संख्या में समाजजन न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।




