सायरा। क्षेत्र के नान्देशमा स्थित राजकीय आयुर्वेद औषधालय एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन भारी उत्साह देखने को मिला। शिविर के प्रति क्षेत्रवासियों का विश्वास इस कदर बढ़ रहा है कि मात्र दो दिनों में ही उपचार लेने वाले लाभार्थियों का आंकड़ा 342 तक पहुँच गया है।
शिविर के मुख्य आकर्षण और उपचार
दूसरे दिन कुल 232 लोगों ने विभिन्न असाध्य रोगों के लिए परामर्श और औषधी का लाभ लिया। शिविर में आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों का सफल प्रयोग किया जा रहा हैं।
पंचकर्म चिकित्सा कटी बस्ती, जानू बस्ती, स्नेहन और स्वेदन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से 107 महिला-पुरुषों का उपचार किया गया।
इस दौरान अग्निकर्म एवं पाइल्स पाइल्स और भगंदर के 38 रोगियों को राहत प्रदान की गई। स्त्री रोग एवं काय चिकित्सा 87 रोगियों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया। बाल स्वास्थ्य 120 बच्चों को उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए श्स्वर्ण प्राशन कराया गया।
निरोग जीवन शिविर में 270 लोगों ने स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा पिया, साथ ही 18 बीपी और 13 मधुमेह रोगियों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया।जन-जागरूकता पर जोर
शिविर प्रभारी डॉ. सुथार ने बताया कि चिकित्सा के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग करने और औषधीय पौधे लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।इन विशेषज्ञों ने दी सेवाएं
शिविर को सफल बनाने में डॉ. ललित सिंह देवड़ा, डॉ. संजीव मैथिल (काय चिकित्सा), डॉ. नितिन सेजु (पंचकर्म), और डॉ. प्रियंका मीणा (स्त्री रोग) ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। साथ ही हेमंत पालीवाल, ललित, खुशवंत जोशी, केसर राजपूत, करण सिंह, बंशीलाल और योग प्रशिक्षक भागवन्ति पालीवाल व भावेश ने सक्रिय सहयोग दिया गया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
सायरा। क्षेत्र के नान्देशमा स्थित राजकीय आयुर्वेद औषधालय एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निशुल्क चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन भारी उत्साह देखने को मिला। शिविर के प्रति क्षेत्रवासियों का विश्वास इस कदर बढ़ रहा है कि मात्र दो दिनों में ही उपचार लेने वाले लाभार्थियों का आंकड़ा 342 तक पहुँच गया है।




