गोगुन्दा। रविवार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ऐसे ही एक परिवार के लिए भावुक क्षण लेकर आया। ग्राम बिलडिया निवासी 22 वर्षीय पुष्कर सिंह अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। एक दिन वो खेत पर बाड़ और सफाई का काम कर रहा था कि अचानक किसी जहरीले जानवर, संभवतः सांप के काटने से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन तत्काल महाराणा भूपाल चिकित्सालय, उदयपुर लेकर पहुंचे।
तमाम कोशिशों के बावजूद पुष्कर सिंह ने दम तोड़ दिया। घर का सबसे युवा और मेहनती सदस्य चला गया। पीछे रह गए बुजुर्ग माता-पिता, बड़ा भाई और छोटी बहन। पिता सोहन सिंह ने बताया कि वे अपने दोनों बेटों की शादी साथ ही करना चाहता था। एक-दो जगह बात भी चल रही थी और सोचा था कि दिवाली बाद शादी कर देंगे, लेकिन सारे सपने चूर हो गए।
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना ऐसे कठिन समय में सहारा बनकर सामने आई। ग्राम उत्थान शिविर के दौरान उपखंड अधिकारी शुभम् भैसारे के निर्देशन में कृषि विपणन विभाग द्वारा मृतक के पिता सोहन सिंह को 2 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया।ग्राम उत्थान शिविर में जब पिता ने कांपते हाथों से चेक थामा, तो आंखों में बेटे के खोने का दर्द तो था, लेकिन साथ ही यह भरोसा भी कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। यह सिर्फ एक चेक नहीं, बल्कि उस परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर समाजसेवी निखिल कोठारी, निवर्तमान उप प्रधान लक्ष्मण सिंह झाला, तहसीलदार प्रवीण कुमार सैनी, अतिरिक्त विकास अधिकारी देवेंद्र कुमार, कृषि मंडी से हितेश कुमार तथा कृषि विभाग से तुषार कुमार उपस्थित रहे। सभी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुन्दा। रविवार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ऐसे ही एक परिवार के लिए भावुक क्षण लेकर आया। ग्राम बिलडिया निवासी 22 वर्षीय पुष्कर सिंह अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। एक दिन वो खेत पर बाड़ और सफाई का काम कर रहा था कि अचानक किसी जहरीले जानवर, संभवतः सांप के काटने से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन तत्काल महाराणा भूपाल चिकित्सालय, उदयपुर लेकर पहुंचे।




