
उदयपुर– राजस्थान आजीविका ग्रामीण विकास परिषद (राजीविका) और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिले के बडगाँव ब्लॉक के सवेरा क्लस्टर लेवल फेडरेशन में आज ‘पहचान’ कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोरों को अपनी पहचान समझने, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास विकसित करने में सहयोग प्रदान करना था।
‘पहचान’ कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य बच्चों को परिवार और समाज में प्रचलित उन दबावों से मुक्त करना है, जहाँ रंग-रूप, जाति या जेन्डर के आधार पर भेदभाव होता है। इस पहल से किशोर बिना किसी भेदभाव और मानसिक दबाव के आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे और अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे।
नवंबर 2024 में आयोजित कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण की अगली कड़ी के रूप में आज इस रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन विशेष रूप से विलेज ऑर्गनाइजेशन असोसिएट्स और पोषण सखी सदस्यों के लिए किया गया। इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर संदेशों को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है ।
इस प्रशिक्षण के प्रमुख उद्देश्य – महिलाओं और समुदाय को यह समझाना कि बच्चों की वास्तविक पहचान उनके आंतरिक गुणों और क्षमताओं से होती है, न कि बाहरी रूप-रंग से। साथ ही, माता-पिता और किशोरों के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना, जेंडर समानता और सकारात्मक पेरेंटिंग पर दृष्टिकोण मजबूत करना, सोशल मीडिया का प्रभाव तथा पहचान टूलकिट (पोस्टर, क्यू कार्ड, सुगमकर्ता गाइड) के उपयोग में प्रतिभागियों की क्षमता को सुदृढ़ करना।
प्रशिक्षण के दौरान कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इंटरएक्टिव सत्रों और अनुभव साझा करने के माध्यम से प्रतिभागियों ने पिछले एक वर्ष में अपने जीवन और बच्चों के साथ किए गए सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की। “हमारी असल पहचान” गतिविधि में आंतरिक गुणों और बाहरी बनावट की तुलना कर बच्चों के लिए आवश्यक मूल्यों की पहचान की गई। जेंडर एवं पेरेंटिंग सत्र में फिल्मों और केस स्टडीज के जरिए प्रतिभागियों को लिंग आधारित रूढ़ियों और सकारात्मक पेरेंटिंग के महत्व से अवगत कराया गया।
इसके अतिरिक्त, रोल प्ले और समूह अभ्यासों में प्रतिभागियों ने टूलकिट का उपयोग करते हुए विभिन्न विषयों जैसे शरीर की तुलना, सोशल मीडिया का प्रभाव और बुलींग की रोकथाम पर प्रस्तुतियाँ दीं। फील्ड स्तर पर प्राप्त सफलता की कहानियाँ और सकारात्मक अनुभव भी साझा किए गए, जिससे भविष्य की कार्ययोजना को और सशक्त बनाने की दिशा तय हुई।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में यूनिसेफ से राज्य सलाहकार जामीर अनवर, जिला एसबीसीसी कोऑर्डिनेटर यशी पालीवाल तथा टीम के सदस्य केसर पालीवाल, अरविन्द रेगर, नरेंद्र मेघवाल और कैलाश कुँवर का विशेष सहयोग रहा।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





