
सायरा– क्षेत्र में रविवार को राजपूत करनी सेना और सर्वसमाज ने नरपत सिंह हत्याकांड को लेकर सायरा बाजार बंद करते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का असर दोपहर तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान समाजजन अपनी मांगो पर अडे रहे। दोपहर बाद समाज और प्रशासन के बीच चली वार्तालाप के बाद मृतक के परिजनों को 12 लाख 50 हजार और 1 सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की मांग पर समझौता हुआ। समझौते के बाद समाजजनों ने धरना प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को जोरमा (सायरा) निवासी नरपत सिंह राजपूत की उदयपुर के सुरजपोल थाना क्षेत्र के मकान मालिक बंसल और नरपत सिंह के बीच हुए विवाद में मकान मालिक ने किरायेदार नरपत सिंह पर धारदार चाकू से ताबडतोड हमला कर दिया था। हमलें में उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। हमलें के दौरान मृतक की पत्नी ने बिच – बचाव किया था जिसमें वह पूरी तरह से घायल हो गई थी जिसका इलाज जारी हैं। हत्या कांड के बाद समाज के लोगों ने शनिवार को जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया और मृतक के शव को लेने से मना कर दिया था। शनिवार को प्रशासन और समाज के बीच कोई समझाइश नहीं हुई थी जिससे आक्रोशित समाजजन ने सायरा बाजार को पूर्ण रूप से बंद का आह्वान किया था।
टायर जलाकर किया विरोध प्रदर्शन
राजपूत करनी सेना और सर्वसमाज ने रविवार सुबह को सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करतें हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के सैकडों लोगो की भीड ने सायरा बस स्टैंड के बीचोंबीच टायर जलाकर आक्रोश जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सायरा से गुजरने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया था।
वाहनों को लगी कतार , पुलिस जाब्ता रहा तैनात
विरोध प्रदर्शन के दौरान सायरा और रणकपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जिससे लोगों को बड़ी परेशान झेलनी पड़ी। माहौल को गर्म होते देख पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा । जाब्ते में सायरा थानाधिकारी किशोर सिंह शक्तावत, सायरा तहसीलदार सुरेश मेहता सहित पुलिस टीम मौजूद रहीं ।
समाजजन अडे रहे इन मांगों पर
नरपत सिंह हत्याकांड को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में समाजजनों ने प्रशासन से 50 लाख और मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी थी। मौके पर सायरा थानाधिकारी और तहसीलदार ने समाजजनों से सड़क को सुचारू करने की समझाइश करने की कोशिश की लेकिन समाज के लोगों अपनी मांगों पर अडे रहे। अंततः जिला कलेक्टर की तरफ से समाज के पांच सदस्यों की कमेटी के साथ हुई वार्ता में 12 लाख 50 हजार और मृतक के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की सहमति बनी और विरोध प्रदर्शन स्थगित किया गया।
समाज सहित कई लोग रहें मौजूद
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लालसिंह झाला, अखिल भारतीय मेवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष भंवर सिंह चदाणा, पूर्व अध्यक्ष कालू सिंह परमार, राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन सिंह सेनवाड़ा, अभिमन्यु सिंह झाला, जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत , प्रवीण सिंह झाला, महासभा के जिलाध्यक्ष पृथ्वी सिंह चदाणा, एम आर जे एस के अध्यक्ष भंवर सिंह, उपाध्यक्ष एडवोकेट मंगल सिंह, नवल सिंह चदाणा, गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष रामसिंह चदाणा, क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हरी सिंह झाला, सिंघाडा उपसरपंच भूर सिंह सिसौदिया, मंडल अध्यक्ष जब्बर सिंह, किरण सिंह, हितेष पालीवाल, जीएस एस हमेर सिंह चदाणा चेन सिंह चदाणा,, जब्बर सिंह, सरपंच फूलचंद गमेती, सापाराम गरासिया, पूर्व महासचिव एडवोकेट सोहन सिंह खरवड, गिरवा चौखला के अध्यक्ष किशन सिंह परमार, युवा संगठन के अध्यक्ष दिनेश सिंह, किशन सिंह निकोर, महासचिव गोपाल सिंह खरवड, उदय प्रताप राजपूत संगठन के केसर सिंह सहित विभिन्न संगठनों और सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





