
उदयपुर – जिले के सायरा पंचायत समिति के समीप अरावली पर्वत मालाओं की श्रृखलाओ के बीच बनास नदी के तट पर स्थित पलासमा गांव के भगवान पद्मनाथ मंदिर में दो दिवसीय जलझूलनी एकादशी के भव्य मेलें का आयोजन मंगलवार को शुरू हुआ।
मंदिर प्रांगण में आयोजित होने वाले मेले को लेकर हर साल की तरह ग्राम पंचायत और ग्रामवासियों के नेतृत्व में इस मेले का शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय मेले में मेवाड़ मारवाड़ सहित कई जिलों के श्रद्धालु आते हैं और मन्नत मांगते हैं।
उप-सरपंच पुना शंकर जोशी ने बताया कि बुधवार दोपहर को मंदिर से रेवाड़ी निकलेगी जो अमृत सरोवर तक जाएगी इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी । भगवान को अमृत सरोवर में स्नान करवाने के बाद पुनः रेवाड़ी मंदिर पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि मेलें के आयोजन को लेकर पूर्व में ही तैयारियां की जा चुकि है। बाहर से आने वाले व्यापारियों के दूकानों के लिए उचित जगह निश्चित की जा चुकि है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की भी उचित व्यवस्था की जा रही है।
मंदिर के पुखराज पुजारी ने बताया कि भगवान विष्णु कि बहन गोमती अपने भाई से मिलने के लिए मध्यरात्री को रात गंगा मैया के रूप में प्रकृट होती है। इस दौरान पूरे मंदिर में ओर मंदिर की दिवारों से पानी झरने लगता है। जब गंगा मैया मंदिर में प्रकृट होती उस दौरान मंगल आरती और भजन किर्तन किया जाता है और गंगा मैया फिर से अपनें स्थान पर समा जाती है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





