Home » प्रदेश » बच्चों को लोक कला में निपुण करें, ताकि वो संस्कृति को संरक्षित करें- राज्यपाल बागडे

बच्चों को लोक कला में निपुण करें, ताकि वो संस्कृति को संरक्षित करें- राज्यपाल बागडे

उदयपुर – राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा कि कला एवं संस्कृति की शिक्षा दें, उन्हें व्यास पीठ (मंच) प्रदान करें, ताकि वे लोक संस्कृति को संरक्षित करें।

वे मंगलवार को छत्रपति संभाजी नगर ( महाराष्ट्र) में केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर एवं सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, मुंबई की ओर से एमआयटी कॉलेज के मंथन हॉल में आयोजित दो दिवसीय ‘वारसा सह्याद्रीचा’ कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब भारत को कोई गुलाम बना कर नहीं रख सकता, क्यों कि यहां एकजुटता की संस्कृति है। यह संस्कृति अक्षुण्ण रहेगी तो कोई भारत की तरफ कुदृष्टि से नहीं देख सकता। उन्होंने मैकाले की शिक्षा नीति को बदलने और भारतीयता से ओतप्रोत शिक्षा नीति पर बल दिया और इसके लाभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता और वेस्ट जॉन क्लचरल सेंटर, उदयपुर के ऐसे महोत्सवों के आयोजन के लिए केंद्र के निदेशक फुरकान खान वी उनकी टीम की सराहना की।
सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के सह संचालक श्रीराम पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया।
इससे पूर्व, राज्यपाल बागडे, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान, श्रीराम पांडे व एमआईटी के संचालक मुनिष शर्मा ने दीप प्रज्वलन और नटराज की प्रतिमा पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का शॉल ओढ़ा पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं महाराष्ट्र के राज्यगीत से हुई। मंच संचालन मोहिता दीक्षित एवं मिलिंद रमेश कुलकर्णी ने किया।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Realted News

Latest News

राशिफल

Live Cricket

[democracy id="1"]
error: Content is protected !!