
गोगुंदा (Udaipur)- मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में जिला प्रशासन उदयपुर वर्षाजनित हादसों को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में मंगलवार से जिले भर में राजकीय भवनों, सड़कों, पुलिया-रपट आदि की सेहत जांचने की मुहिम शुरू हुई। उपखण्ड व ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों ने दिन भर फील्ड में रहते हुए भवनों आदि की जांच कर निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार की। अभियान आगामी 3 दिन जारी रहेगा। इस दौरान जिले के प्रत्येक राजकीय भवन, स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी, अस्पताल, बस स्टैंड, यात्री प्रतिक्षालय से लेकर सड़कों व पुलियाओं की जांच की जाएगी।
झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष नमित मेहता के नेतृत्व में उदयपुर जिले में विशेष मुहिम प्रारंभ की गई। इसके लिए उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत वार समितियां गठित की हैं। इन समितियों में तकनीकी कार्मिकों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने अधीन कार्यालय भवनों सहित जिले के सभी राजकीय भवनों, स्कूल, आंगनवाडी, अस्पतालों, सड़कों व पुलिया, बिजली खंबों आदि का निरीक्षण कर 5 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनभर फील्ड में रहे अधिकारी
जिला कलक्टर मेहता के निर्देशन में मंगलवार से सर्वे कार्य प्रारंभ हुआ। उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारियोंने दिन भर फील्ड का दौरा करते हुए अपने आवंटित क्षेत्रों में विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, अस्पतालों सहित अन्य सभी राजकीय भवनों, सड़कों, पुलियाओं, विद्युत लाइन व खंबों आदि का निरीक्षण किया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर गठित कमेटियों ने भी अपने क्षेत्र के सभी भवनों आदि का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान जर्जरहाल और असुरक्षित स्थिति में नजर आए भवनों को सील करते हुए उनका उपयोग नहीं किए जाने के लिए पाबंद किया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





