गोगुंदा – के एतिहासिक गणगौर मेले के आखिरी दिन बुधवार को बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे और हरी गणगौर की सवारी निकाली गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्यता ने मेले को खास बना दिया। आदिवासी परंपरा और गरासिया समाज की अनूठी पहचान के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। मेले में डोलर, ड्रैगन झूले और रंग-बिरंगी दुकानों पर ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की।
मेले का मुख्य आकर्षण हरी गणगौर की सवारी रही, जो परंपरागत विधि-विधान के साथ मालियों का चौरा से चारभुजा मंदिर से होते हुए शनि महाराज मंदिर बस स्टैंड होकर गणगौर घाट पहुंची। जहां पूजा अर्चना के बाद किन्नर समाज की गादीपति आशा कुंवर और उनकी शिष्याओं के साथ माली समाज की महिलाओं ने सिर पर गणगौर रख नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद गणगौर की सवारी राजपूतों का मोहल्ला होते हुए मालियों का चौरा पहुंची जहां समाज के महिलाओं पुरुषों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना की गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोह मन
गणगौर मेले के तहत पर्यटन विभाग द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। मेवाड़ महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगारंग कार्यक्रम देर रात तक जारी रहे और स्थानीय दर्शकों समेत दूर-दराज से आए लोगों ने इन लोककलाओं का भरपूर आनंद लिया। गणगौर मेले में प्रस्तुत इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पारंपरिक लोकसंस्कृति की झलक पेश की और मेले के आकर्षण को कई गुना बढ़ा दिया।समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री गौतम दक रहे। अध्यक्षता उप जिला प्रमुख पुष्कर तेली ने की। अति विशिष्ठ अतिथि गोगुंदा विधायक प्रताप लाल गमेती, गोगुंदा प्रधान सुन्दरदेवी, उप प्रधान लक्ष्मणसिंह झाला, समाजसेवी पप्पू राणा भील, सरपंच कालूलाल गमेती, वार्ड पंच चंद्रेश फतावत, कमलेश तेली, सुरेश सोनी सहित वार्ड पंच, ग्राम विकास अधिकारी गुलाब सिंह महावर सहित गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्राम पंचायत द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन दयालाल चौधरी ने किया। गणगौर मेले में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षु आईपीएस एवं गोगुंदा थानाधिकारी माधव उपाध्याय और प्रभारी थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।

Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।