उदयपुर – अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार पालीवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि पशुपालन विभाग में कुछ अव्यवहारिक नवाचारों के कारण विगत 6 माह से भय का वातावरण बना हुआ है जिससे विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। शासन द्वारा मोबाईल ऐप के माध्यम से दैनिक उपस्थिति दर्ज करवाने का अव्यवहारिक, अतार्किक निर्णय लिया गया था। विभाग में ऑनलाईन उपस्थिति के नाम पर कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन दैनिक उपस्थिति दर्ज करवाने के सम्बन्ध में प्रकरण उच्च न्यायालय जोधपुर में विचाराधीन है।
महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि दो दिन में पशुपालन विभाग के निर्दोष कार्मिकों की निलम्बन बहाली तथा दोषी अधिकारियों पर ठोस अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो आगामी 26 मार्च से फार्मर रजिस्ट्री शिविरों में समस्त ऑनलाईन कार्यो का बहिष्कार किया जावेगा जिसकी समस्त जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। ।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, महासंघ का प्रमुख घटक संगठन है। अव्यवहारिक नवाचारों के कारण पशुपालन विभाग के निर्दोष कार्मिकों पर हो रही दमनात्मक कार्यवाही को महासंघ बर्दाश्त नहीं कर सकता।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार पालीवाल, संयुक्त महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन व्यास, जिला महामंत्री लच्छी राम गुर्जर, आईटी प्रभारी जसवंत सिंह चौहान, सुरेश मीणा, मनसा राम, पन्ना लाल शर्मा, मांगीलाल बुनकर, रमेश मेहता, निलेश मेघवाल, रघुवीर सिंह सहित 100 कर्मचारी मौजूद रहे।

Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।