उदयपुर (Udaipur)- गुरुवार को जिले के देहली गेट माणिक्य लाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय सभागार में आयोजित श्रमिक सम्मान सम्मेलन का आयोजन आयोजित हुआ। श्रमिक सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय श्रमिक सम्मान यात्रा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता विपुल भाई पण्ड्या ने कहा कि देश में मज़दूरों को संगठित होकर अपनी आवाज उठाने की जरुरत हैं तभी मजदूरों को न्याय, सम्मान और सुरक्षा मिल सकेगी ।
सम्मेलन में अलग-अलग संगठनों सहित 450 लोगों ने लिया भाग 
बता दें कि देश के श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को उठाने के लिये वर्किग पिपल कॉलेजन द्वारा देश के 19 राज्यों में 24 जनवरी से 25 फरवरी तक श्रमिक सम्मान यात्रा का आयोजन किया जा रहा हैं। यह यात्रा कन्या कुमारी और पश्चिमी बंगाल से शुरु हुई हैं जो 25 फरवरी को दिल्ली में समाप्त होगी। यात्रा को समर्थन देने और दक्षिणी राजस्थान में श्रमिकों के मुद्दों से अवगत करवाने के लिये क्षेत्र के 7 अलग-अलग ट्रेड के संगठनों व श्रमिक यूनियन ने मिलकर श्रमिक सम्मान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पूरे संभागभर के 450 महिला-पुरुष श्रमिकों ने भागीदारी ली।
गीतों से हुई सम्मलेन की शुरुआत बताया यात्रा का उद्देश्य
सम्मेलन की शुरुआत गीत और नारों के साथ की गई उसके पश्चात् सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र शर्मा द्वारा यात्रा का उद्देश्य बताया गया कि यह यात्रा उचित मजदूरी जिसका अभिप्राय जीवन-यापन की लागत अनुसार मजदूरी की गारंटी हो। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सार्वभौमिक हो। कार्यस्थल पर श्रमिकों विशेषतः महिला श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान हो। इनके लिए समर्थन जुटाने, श्रमिकों में जागरुकता लाने व देश के श्रमिकों को संगठित करने के लिये निकाली गई हैं।
अपने-अपने संबोधन में इन्होंने कहीं ऐ बातें
“”अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संघ के भंवरलाल ने बताया कि निर्माण मजदूरों के लिये जो निर्माण बोर्ड गठित हैं उसमें अभी पंजीयन और नवीनीकरण का पोर्टल बंद हैं जिससे श्रमिक बोर्ड की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा हैं।””
“”खेत मजदूर अधिकार मंच गुजरात-राजस्थान के अध्यक्ष तेमा भाई ने बताया कि आदिवासी इलाकों से गुजरात के सांबरकांठा और बनासकांठा में खेती कार्य में जाने वाले भागिया श्रमिकों की हालत बंधुआ जैसी हैं उनके लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं हैं ।जिससे बड़े किसानों द्वारा इन मजदूरों का शोषण किया जा रहा हैं। उन्होनें भागिया श्रमिकों के लिये कानूनी प्रावधान की मांग उठाई है।””
“”राष्ट्रीय महिला कामगार संगठन से जुड़ी सिस्टर किर्ती ने बताया कि कामगार महिलाएं घर-घर जाकर काम करती हैं लेकिन उनका वेतन कोई निश्चित नहीं हैं जिससे उनका घर चलाना मुश्किल हैं साथ ही उनकी काम के दौरान सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा हैं। उन्होनें इसके लिये कामगार महिला बोर्ड की मांग रखी।””
“”सूचना और रोजगार अभियान से जुड़े श्यामलाल मेनारिया ने बताया कि श्रमिक जब संगठित होकर आवाज उठाते हैं तो सरकारे हिलती हैं और मजदूरों के लिये नितियां और कानून बनाती हैं। उन्होनें आंदोलन से उठाई गई मांगों से जो सफलता मिली उन अनुभवों को साझा किया।””
“”श्रमिक मुद्दों के विशेषज्ञ राजीव खण्डेलवाल ने बताया कि मजदूरों की मजदूरी देश में बढ़ रही मजदूरी के अनुपात में नहीं बढ़ रही हैं जिससे श्रमिकों की हालत देश में सम्मानजनक नहीं हैं। उन्होनें मांग रखी की मासिक मजदूर को कम से कम 26000/ मिलना चाहिए ताकि उनकी जीवन गरिमामय हो सके।””
“”महिला श्रमिकों के मुद्दों से जुड़ी अलका व्यास ने बताया कि महिलाओं को श्रम बाजार में बहुत बड़ा योगदान हैं परन्तु बाजार उन्हें समान वेतन नहीं देता अतः इसके लिए श्रमिक संगठनों को यह मांग पुरजोर तरिके से उठाने की जरुरत हैं।””
“”महिला श्रमिक संगठन, बांसवाड़ा से आई अनिता भील ने प्रवासी महिला श्रमिकों के बारे बताया कि कुशलगढ़ से बहुत खराब स्थिति में गुजरात काम पर जाती हैं जहां पर काम के दौरान सुरक्षा नहीं होने और वेतन भी कम मिलने की समस्या से अवगत करवाया।””
“”जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपती प्रो. शिवसिंह सारगंदेवोत ने कहा कि श्रमिकों की आवाज को बुलन्द करने के लिये जो यात्रा का आयोजन किया गया हैं वह सराहनीय हैं। उन्होनें कहा की मजदूरी सम्मानजनक होना मजदूर का संवैधानिक अधिकार हैं।””
“”सीटू के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राजेश सिंघवी ने बताया कि देश में मजदूर मजबूर नहीं होना चाहिए उसे मजबूत रखने पर ही देश का विकास हो सकेगा। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स को सही सम्मानजनक तरीके से व्यवसाय करने की मांग की।””
“”नेशनल हॉकर फेडरेशन के निज़ाम ने वेंडर्स के मुद्दे पर कहा कि उदयपुर में नॉन वेडिंग जॉन घोषित हो गए है लेकिन वेंडिग जॉन स्थापित नहीं हुए है। जिससे बहुत वेंडर्स को परेशानी है।””
सम्मेलन में इन्होंने भी रखें अपने विचार
इसके साथ ही सम्मेलन में अरावली निर्माण मजदूर संघ के तख्तसिंह, महिला मजदूर संगठन उदयपुर की कंकुबाई, उजाला संगठन की अध्यक्ष टम्मुबाई ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता पारस बंजारा और सरफराज शेख द्वारा अपने गीतों के माध्यम से श्रमिकों को एकजुट होने का आहवान किया। कार्यक्रम का संचालन धर्मचन्द खैर और मंजू राजपूत द्वारा किया गया।
रैली निकालकर कलक्टर को सौंपा मांगों का ज्ञापन 
सम्मेलन के उपरान्त सभी श्रमिकों द्वारा जिला कलेक्टर मुख्यालय तक नारे व गीत गाते हुए रैली का आयोजन किया गया व प्रनिनिधि मण्डल द्वारा देश के प्रधानमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर वारसिंह को मांग पत्र सौपा जिसमें उन्होनें सभी मांगे दिल्ली तक पुहंचाने का आश्वासन दिया।
संभागीय आयुक्त से मिले यात्रा दल के प्रतिनिधि
संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी से यात्रा दल के विपुल पण्डया, श्यामलाल मेनारिया, मंजू राजपूत, पारस बंजारा, राजेन्द्र शर्मा, परसराम लौहार और सरफराज शेख ने मुलाकात कर प्रवासी श्रमिकों के लिये पंजीयन व्यवस्था, बाल श्रम और कार्यस्थल पर सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की उनके द्वारा सभी के बिन्दूवार अधिकारियों को निर्देशित कर समाधान किया गया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।




