गोगुंदा (Udaipur)- पंचायती राज उप-चुनाव के दौरान सायरा थानाधिकारी द्वारा गैर कानूनी तरीके से सरकारी वाहनों का उपयोग करते हुए राजनीतिक दल का सहयोगी बनकर चुनाव में षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए थानाधिकारी को निलंबित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
गोगुंदा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (ए) के कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह बारहठ एवं ब्लॉक अध्यक्ष रामसिंह चदाणा ने ज्ञापन में बताया कि सायरा थानाधिकारी ने चुनाव के दौरान अपनी मन मानी करते हुए चुनाव को प्रभावित किया था। वहीं अपने मुखबिर तन्त्र से कांग्रेस पार्टी से चुने पंचायत समिति सदस्यों को धमकाते रहे । थानाधिकारी ने चुनाव के एक दिन पहले कांग्रेस की पुर्व पंचायत समिति सदस्य लेहरकी बाई को अगवा करवाया गया और वोट नही देने दिया ।
चुनाव के दिन 17 फरवरी को भाजपा की बैठक में शामिल होकर सरकारी पुलिस वाहन से दोपहर 1 बजे सायरा से गोगुंदा गया और वहां से पंचायत समिति सदस्यों को पुलिस वाहन के जरिए सायरा लाकर मतदान करवाया गया जिसके सीसीटीवी फुटेज ज्ञापन में संलग्न है। पुलिस वाहन का निजी तौर पर किए गए उपयोग का कोई रिकॉर्ड रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। इस प्रकार थानाधिकारी ने राजकीय वाहन , राजकीय जाब्ते व स्वयं राजकीय ड्युटी पर होते हुए राजनीतिक दल के सहयोगी के रूप मे काम किया हैं। वहीं 14 फरवरी को पंचायत समिति सदस्य के निर्वाचन के दौरान थानाधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह को निर्वाचन बुथ मे प्रवेश करने से मना कर दिया जिस पर पुलिस उप अधिक्षक गिर्वा ने आकर प्रत्याशी को बुथ मे प्रवेश करवाया गया। ब्लॉग कांग्रेस कमेटी ने कहा कि थानाधिकारी द्वारा इस तरह की मनमानी कर सरकारी मशीनरी का चुनाव मे दुरूपयोग किया हैं। वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से पूरे षड्यंत्र की जांच करते हुए थानाधिकारी को अविलम्ब निलम्बित करने की मांग की हैं।

Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।