उदयपुर – समीपवर्ती नाई गांव में आयोजित 11 दिवसीय रामलीला महोत्सव के समापन के बाद गुरूवार को शोभायात्रा निकाली गई। महोत्सव के संयोजक भवानीशंकर नागदा ने बताया कि काशी के प्रसिद्ध धर्म प्रचारक रामलीला मंडल द्वारा 15 दिसंबर से 25 दिसंबर तक रामलीला का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु जुटे। इस दौरान 5100 हनुमान चालीसा वितरित की गई।
समापन के दिन कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, रावण वध, माता सीता की अग्नि परीक्षा, भरत मिलाप व भगवान राम के राजतिलक का मंचन किया गया। गुरूवार को विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 551 कलश, 15 घोड़ों वाले रथ, तीन डीजे, ढोल व बैंड के साथ 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सर्व समाज के श्रद्धालुओं को एक साथ बिठाकर भोजन प्रसाद वितरित किया गया।
इस दौरान समाजसेवी भवानीशंकर नागदा, गिर्वा के नेता प्रतिपक्ष गुणवंत कोठारी, बंटी भैया, सरपंच काली बाई, दलपत सिंह, शंकर सिंह, लोगर सिंह, मनोज चौधरी, उपसरपंच रमेश आमेटा, ललित दलाल, प्रदीप कोठारी, शंकर चौधरी व चंद्रशेखर आमेटा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भवानीशंकर नागदा ने रामायण प्रचारक मंडल के संचालक पंडित अशोक उपाध्याय को एक मोटरसाइकिल भेंट की। नागदा ने बताया कि मंडल के पास दुपहिया वाहन नहीं था, धर्म प्रचार के लिए उन्होंने दुपहिया वाहन भेंट किया। भवानीशंकर नागदा ने ही सभी श्रद्धालुओं के भोजन प्रसादी का आयोजन किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 50 साल के बाद भव्य रामलीला का आयोजन किया गया।
