Breaking News

Home » खिलाड़ी » भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत, रविचंद्रन अश्विन ने गाबा टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत, रविचंद्रन अश्विन ने गाबा टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

Desk update – भारतीय क्रिकेट के प्रमुख स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया हैं। उन्होंने अपनी इस घोषणा के बाद, गाबा में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच के बाद यह खबर सार्वजनिक की।

अश्विन के करियर को लेकर उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जगत में मिला-जुला प्रतिक्रिया आ रहा है। इस फैसले के साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पलों और शानदार प्रदर्शन दिए हैं। अश्विन ने अपने करियर में भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में गेंदबाजी की और टेस्ट क्रिकेट में विशेष रूप से अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज की। उन्होंने 100 से अधिक टेस्ट विकेट लिए हैं और वनडे व टी20 क्रिकेट में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। उनका क्रिकेटिंग योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके संन्यास की घोषणा से पहले उन्होंने गाबा टेस्ट मैच में भारतीय टीम का हिस्सा रहते हुए अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से विपक्षी टीम को काफी परेशान किया। गाबा टेस्ट, जिसे उन्होंने अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज़ माना, वह भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मैच साबित हुआ। अश्विन की संन्यास की घोषणा के बाद क्रिकेट जगत में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं। कई विशेषज्ञ और खिलाड़ी उनके संन्यास को भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा धक्का मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे उनके लंबे करियर का सम्मान भी मान रहे हैं। अश्विन के संन्यास के बाद अब सवाल यह उठता है कि भारतीय क्रिकेट में उनकी जगह कौन लेगा और उनकी अनुपस्थिति में टीम की स्पिन गेंदबाजी की जिम्मेदारी किस पर होगी। रविचंद्रन अश्विन का संन्यास अश्विन ने अपने संन्यास के ऐलान में कहा कि वह अब अपने व्यक्तिगत जीवन और परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए क्रिकेट एक जुनून था, और उन्होंने हमेशा अपनी कड़ी मेहनत से टीम इंडिया को गर्व महसूस कराया।

अश्विन के करियर की प्रमुख उपलब्धियां

1. 1000+ विकेट: अश्विन ने टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में 1000 से अधिक विकेट लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। 2. 2011 वर्ल्ड कप विजेता: अश्विन भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा थे, जब उन्होंने 2011 में वर्ल्ड कप जीता था। 3. प्रभावशाली स्पिन गेंदबाज: उनकी गेंदबाजी में विविधता और रणनीति की गहरी समझ थी, जो उन्हें सबसे बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में से एक बनाती थी। 4. टेस्ट क्रिकेट में टॉप रैंक: उन्होंने लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी से शीर्ष रैंक हासिल की।

अश्विन का संन्यास भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है। हालांकि उनकी जगह भरना बहुत मुश्किल होगा, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम में अब नए टैलेंट को मौक़ा मिलेगा।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Realted News

Latest News

राशिफल

Live Cricket

[democracy id="1"]